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लेखनी कहानी -25-Feb-2023

वो इश्क़ तो समझती हैं
मगर मेरी जात को नहीं समझती 
वो नादाँन है पगली दोस्त तो समझती है
मगर मेरी महोब्बत को नहीं समझती 
एक शायर को खोने का गम उसे नही मालूम, 
वो दिल तो समझती हैं
मगर मेरी जज्बात को नहीं समझती।। 

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4 Comments

बेहतरीन

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👌👌

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Renu

26-Feb-2023 05:59 PM

👍👍🌺

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