Vinay Patel

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लेखनी कविता -04-Mar-2023

प्रभु की वंदना


शांति दया प्रेम परोपकार

जीवन में करें उपकार


परिभाषा दे उपकार  की आज

प्रेम करें दुनिया से आज


लाता हूं पैगाम खुशियों के नाम

करते हैं जीवन अपना विश्व कल्याण के नाम


एक विश्व एक नारा

सुंदर स्वभाव हो हमारा


सोचे समझे करें विवेक

जीवन में करें उपकार अनेक


निवेदन है वंदना से आज

दर्शन कराएं प्रभु का आज


विद्या विनय विवेक विकास

रहें प्रभु  के आस-पास


जीवन में उपकार अनेक

देते हैं स्थान ह्रदय में अनेक


स्थान है प्रभु के हृदय में आज

सुनें मन को शांत करके आज



✍️विनय कुमार पटेल "सरल"

अंजानिया

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4 Comments

Renu

05-Mar-2023 10:25 PM

👍👍🌺

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बेहतरीन

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बेहतरीन

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