तुम ने डाला जो रंग मेरी होली हुई।
होली गीत
तुम ने डाला रंग मेरी होली हुई,
प्रेम के रंग से रंगीन चोली हुई,,
रंग पानी के केबल नहीं रंग ये,
हम ने इन मे मुहब्बत है घोली हुई,,
पुष्प गेंदे पीले खिले बाग में
उस पे पिला दुप्पटा गज़ब ढा रहा
तेरे माथे की बिंदिया लगे मुझ को यूं,
चांद जिसे जमीं पे उतारा गया,,
नयन है कह रहे सुन रहे नयन ,
प्रेम की मौन प्रीतम है बोली हुई,,
तुम ने डाला रंग मेरी होली हुई,
प्रेम के रंग से रंगीन चोली हुई,,
श्याम तुम हो मेरे मैं तेरी राधिका,
तू शिवा है तो मैं हूं तेरी साधिका,,
है समर्पण तुम्हे प्रेम नायक सुनो,
हर जन्म मै बनू बस तेरी नायिका,,
प्रेम खुश्बू सा महका हुआ हर दिशा,
महकी महकी ह्रदय भाव की वाटिका,,
बात गोपाल तुम क्यों समझते नहीं,
है दिवानी तुम्हारी ये भोली हुई,,
तुम ने डाला रंग मेरी होली हुई,
प्रेम के रंग से रंगीन चोली हुई,,
जब से इन को हुई खबर पूछ मत,
तंग करना हुआ काम इन का मुझे,
मुझ को छेड़े तेरा नाम ले कर हैं ये ,
मेरी दुश्मन तो सखियों की टोली हुई ,,
तुम ने डाला रंग मेरी होली हुई,
प्रेम के रंग से रंगीन चोली हुई,,
गोपाल गुप्ता "गोपाल "
Varsha_Upadhyay
11-Mar-2023 09:36 PM
शानदार
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अदिति झा
06-Mar-2023 11:01 PM
Nice
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डॉ. रामबली मिश्र
06-Mar-2023 10:21 PM
बेहतरीन
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