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माँ (दोहे) माता का वंदन करें

*माँ*(दोहे)
माता का वंदन करें,पूजें चरण पखार।
पालन-पोषण माँ करे,देकर ममता-प्यार।।

स्वयं कष्ट सह-सह करे,निज सुत का उत्थान।
बेटा-बेटी उभय का,रखे  बराबर  ध्यान ।।

जीव-जंतु के जन्म का,केवल माँ आधार।
इसी लिए इस सृष्टि पर,माँ का है उपकार।।

माँ की कोख कमाल की,अद्भुत प्रभु की देन।
राम-कृष्ण को जन्म दे,रावण-कंस-सुसेन।।

मूर्ति यही है त्याग की,रखे न निज सुख-ध्यान।
हे जननी तुम धन्य हो, तेरा  हो   यश-गान ।।

माँ के ही व्यवहार से,बनता सकल चरित्र।
नहीं हृदय यदि स्वच्छ है,हों संतान विचित्र।।

माँ चाहे जैसी रहे, माँ  है  ईश्वर-रूप ।
पूजनीय है माँ सदा,इसका रूप अनूप।।
            ©डॉ0हरि नाथ मिश्र
                 9919446372

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7 Comments

Abhinav ji

24-Mar-2023 07:38 AM

Very nice 👌

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Swati chourasia

24-Mar-2023 06:26 AM

वाह बहुत ही खूबसूरत दोहे 👌👌

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Varsha_Upadhyay

23-Mar-2023 09:15 PM

शानदार

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