Payal vaya

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लेखनी प्रतियोगिता -04-May-2023

आज की कविता का विषय- स्त्री  की आकांक्षा

 
एक स्त्री क्या  चाहती हैं, 
ना कोई  सितारे,  ना कोई  आसमान 
बस मैं चाहुं साथ तेरा।
ना कोई  बात  ,ना कोई  विवाद,
मैं तो चाहुं प्यार  तेरा।
बस इतनी सी ख्वाहिश हैं,
हर पल रहो तुम साथ मेरे ।
 कभी तो तुम समझो इस बात को,
मैं चाहुं बस  तुम साथ मेरा दो।
ना कोई  बंदिश, ना कोई  रोक,
  मेरे दिल के पास रहो तुम।
 स्त्री  होना कोई  गुनाह  तो नहीं,
प्यार  करना कोई  कसुर तो नहीं,
फिर ये पाबंदी क्यो  ।  
  क्या मेरा कसूर हैं,
क्या  स्त्री  होना  ही  मेरा कसूर हैं।।

ये कविता स्व रचित  हैं।
 पायल वया *जैन* 

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5 Comments

Punam verma

05-May-2023 09:03 AM

Very nice

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