शीर्षक :- प्रभु
शीर्षक :- प्रभु
है जो अनादि और अनंत
बनाई है जिसने सृष्टि अनंत
जिससे करें निवेदन
ऐसे हैं मेरे मधुसूदन
करता हूं जीवन उनके नाम
जिनका लक्ष्य है जीव कल्याण
मांगे जिससे दर्शन आज
दे ज्ञान चक्षु आज
वंदना विनय विवेक विकास
करें जीवन में हमारे कुछ खास
बताएं भक्ति का मार्ग आज
प्रेम और वैराग्य से हो कुछ अलग आज
प्रकृति से सीखे कुछ आज
संचालित करती सृष्टि आज
करें जीवन में प्रभु का धन्यवाद
अर्पित करें कृतज्ञता प्रभु से आज
रचनाकार :- विनय कुमार पटेल