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लेखनी प्रतियोगिता -07-Jun-2023

जीवन शक्ति अर्थात आत्म विश्वास इसके अभाव में प्रत्येक मन खोखला है । मैंने देखा है मनुष्यों को खालीपन में , दिखावे में , झूठे आवरण में लिपटे वे ऐसे आचरण करते हैं जैसे संसार के सबसे महत्वपूर्ण व्यक्ति हैं , उनके बिना ये संसार गतिमान हो ही नही सकता यदि वे थम गए तो सम्पूर्ण जीव , प्रकृति चर आचार आकाश धरा सब कुछ ठहर जाएगी । कितना बड़ा भ्रम पाले रखते हैं । बाहु बली हैं वो , सर्वज्ञ सर्व शक्तिमान । और यथार्थ में शून्य । मनुष्य की औकात ही क्या है पानी का बुलबुला । अभी है अभी नहीं है । ये जीवन हमें विधाता ने दिया है उसके कुछ नियम कायदे कानून हैं , जैसे जीवन का उद्देश्य क्या है - हम क्यूँ भेजे गए मकसद क्या है - वेद कहते हैं क्युकी मैं हिन्दू हूँ तो वेद की बात करूंगा अन्य धर्म या उनके धार्मिक ग्रंथ में क्या लिखा मैं समझ नही सकता तो उन पर कुछ कहना ठीक नही । हाँ तो वेद कहते हैं , अर्थात वेदों के अनुसार - मानव जीवन सर्वश्रेष्ठ है । उसका विकास सृष्टि में एक अद्भुत स्वरूप हैं अतः उसके कर्तव्य सबसे विशेष । हाँ तो वेद कहते हैं , कि मनुष्य के चार कर्तव्य हैं - एक धर्म दूसरा अर्थ , तीसरा काम , चौथा मोक्ष । शेष अगले अंक में --

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5 Comments

Aliya khan

08-Jun-2023 05:38 PM

सत्य है

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Abhinav ji

08-Jun-2023 09:05 AM

Nice

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Punam verma

08-Jun-2023 08:00 AM

Very nice

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