Vinay Patel

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मन

मन

होती है शक्ति
भावना में आज
रहते हैं मेरे घनश्याम आज

करें जीवन में
ऐसा काम 
स्वयं प्रभु देने आएं इनाम

मन है मंदिर
करते हैं निवास
मेरे घनश्याम

होते हैं खुश
करते हैं सेवा जब
 दीन दुखियों की हम

करते हैं संकल्प जीवन में
देते हैं दान 
विद्या का जिसमें

प्रभु से मेरी एक अरदास
खुशी चाहूं मैं सबकी आज

होती है शक्ति मन में अनंत
करते हैं दोहन
लेकर नाम प्रभु का

मांगे प्रभु से एक वरदान
जो हो विश्वकल्याण
होती है मेरी आत्मा तृप्त
सिद्ध होता वरदान

बनाए योजना
प्रभु से बेहतर
करें शुरू
काम विश्व कल्याण

रचनाकार विनय पटेल

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2 Comments

Gunjan Kamal

20-Jun-2023 04:55 AM

👏👌

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