देवी प्रेम
देवी प्रेम
करें जीवन में अनुसंधान
कैसे खोज करें प्रेम की आज
करते हैं प्रेम प्रभु हमसे आज
तभी तो दिया है मानव जन्म आज
करता हूं समर्पण अपना जीवन
मात-पिता है मेरे सबसे बढ़कर
परिभाषा दे दूं प्रेम की आज
होता है समर्पण जिसमें सब कुछ आज
कैसे जाने देवी प्रेम को आज
पाते हैं विरले ही प्रेम को आज
कैसे जाने शक्ति प्रेम की
करें पता विनय वंदना से आज
होती है शक्ति अथाह वंदना में आज
करते हैं दोहन विनय से आज
रचनाकार :- विनय पटेल
kashish
18-Jul-2023 02:34 PM
गहन सटीकतामय रचना
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ऋषभ दिव्येन्द्र
20-Jun-2023 12:21 PM
बहुत खूब 👌
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Abhinav ji
20-Jun-2023 08:00 AM
Very nice 👍
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