Reena yadav

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औरत की पहचान


समाज में एक औरत को कभी एक बेटी, एक बहन, एक पत्नी, एक मां,, अनेक नामों से जाना जाता हैं!


उसके जन्म से उसे हर जगह यह अहसास करवाया जाता हैं की वह एक लड़की है और उसके बचपन को बात दिया जाता हैं, शायद यही वजह रही होगी जिससे हर भारतीय नारी चारदीवारी के अंदर के सारे कार्य अच्छे से निपटा लेती है, क्योंकि उन्हें बचपन में ही मां रूपी गुरु द्वारा सभी कार्य अच्छे से सीखा दिए जाते है !


जैसे जैसे वो बड़ी होती हैं उन्हे शिक्षा के लिए विद्यालय भेज दिया जाता हैं और नाममात्र या फिर काम चलाऊ शिक्षा दिलवा दी जाती हैं, क्योंकि समाज में पोषित लोगो की मानसिकता (लड़की कितनी ही पढ़ी लिखी क्यों ना हो घरेलू कार्यों में परिपूर्ण होनी चाहिए या फिर उनका घरेलू कामकाज अनिवार्य कर दिया गया हो।) कही ना उसकी शिक्षा पर पाबंदी लगा देती हैं।


एक लड़की हमेशा से ही अपने आपको प्राथमिकता देने में झिझक महसूस करती हैं –क्योंकि उन्हे यही सिखाया जाता हैं की स्वयं की जरूरतों के बारे में मत सोचो तुम तो सिर्फ दूसरो के लिए जन्मी हो, बचपन से ही परिवार की खुशी का मंत्र रटा दिया जाता हैं सिर्फ यह कहकर की परिवार की खुशी में ही तुम्हारी भलाई छिपी है।


एक लड़की जो अपने सारे सपने पूरे करने की चाह में ताउम्र अपने ही पैरों में बंधी बेड़ियों की चाबी ढूढने का भरसक प्रयास करती रहती हैं, पर वह चाबी बहुत दूर उसके अपनो के द्वारा समाज की कुपोषित मानसिकता में खो दी जाती हैं जिससे उस चाबी तक पहुंचते पहुंचते लड़कियां खुद भी अपना अस्तित्व खो देती हैं।


आज की सभी युवा वर्गीय लड़कियों (जिन्हें कभी ना कभी इन परिस्थितियों से सामना हुआ होगा), के मन में ये सवाल जरूर आते होंगे पर किसी के पास इनका कोई जवाब नही हैं – 

आखिर कब तक यह समाज इन्हे अपने सपने पूरे करने से रोकता रहेगा ?
क्यों उन्हें अपने जिंदगी के फैसलों के लिए दूसरो पर निर्भर रहना पड़ता है ?
क्यों उसे अपनी पहचान अपने पिता या पति के नाम से करवानी पड़ती हैं ?
क्या उनकी अपनी इच्छाएं, सपने नहीं होते ?
आखिर एक सवाल पर क्यों उसकी आवाज को दबा दिया जाता हैं ?



कितनी सदियां गुज़र गई, ओर नई सदियां आने को है, क्या आखिर बन पायेगी इनकी एक नई पहचान, पूरे हो पायेंगे इनके भी सपने, मिल पायेगा इन्हे अपनी खुशियों का जहां और सपनों का आसमां या रह जायेगी हर किसी की जिंदगी का एक किस्सा बनकर??




🖋️... रीना यादव
जयपुर,  राजस्थान

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9 Comments

Natash

06-Aug-2023 12:56 AM

👍👍👍

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Niraj Pandey

06-Aug-2023 12:48 AM

👌👌

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Mohan Yadav

09-Jul-2023 08:57 PM

🤔 👌

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