लेखनी कहानी -29-Jul-2023
उस महफ़िल में जाने गम
तेरे दिल से उतर जाने का गम
तेरी सूरत में लिखी जितनी ग़ज़लें
उन्हे भूल जाने का गम
तेरी यादें तोड़ती है मुझे
यू बिखर जाने गम
जो यू तू आती रहती है ख्वाबों में
हकीकत में छोड़ जाने का गम
इतनी फूटी किस्मत है मेरी
हाथ की लकीरें मिट जाने का गम
जब देखा तेरी आंखो में तो पता लगा
तू फारेहा किसी और का हो चूका है सनम ।
©विशु किंग