राष्ट्र का पैगाम आवाम के नाम
राष्ट्र का पैगाम आवाम के नाम
नमस्कार मित्रों आज पन्द्रह अगस्त है ,आज ही के दिन76 साल पहले सन 1947 को हमे आजादी मिली थी।
इस के लिए हमारे देश के न जाने कितने क्रांतिकारीयों अपना बलिदान दिया जो प्रकाश में आ गए उन्हें आप जानते है किन्तु न जाने कितने ही अँधेरे में रह गए मेरा उन्हें भी सत सत नमन, मित्रों चौदह अगस्त सन 1947 को मध्य रात्रि 12:05 पर प्रथम बार ऐतिहासिक लाल किले पर आजाद भारत के प्रधान मंत्री पण्डित जवाहरलाल नेहरू जी ने तिरँगा झण्डा फहराया था तब से ले कर आज तक पन्द्रह अगस्त को देश मे स्वतन्त्रता दिवस के रूप में मनाया जाता है।
मित्रों मुझे याद आ रहा है पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय आदरणीय श्री अटल बिहारी वाजपेयी जी का वो भाषण जो उन्होंने कारगिल युद्ध जितने के बाद दिया था।
जिस के दौरान उन्होंने कहा कि भारत के हर नागरिक को बन्दूक चलाना आना चाहिए फिलीपीन की तरह उन्होंने आगे कहा कि जब वह कंबोडिया गए अपनी विदेश यात्रा के दौरान तो वहाँ पर रमायण का मंचन हो रहा था उन्होंने जब इस बारे मे वहाँ के तत्कालीन प्रधानमंत्री से पूछा तो उन्होंने बताया कि वहाँ पूरे एक महीने रमायण का मंचन होता है यह जान कर अटल जी को काफी आश्चर्य हुआ क्योंकि कंबोडिया एक स्लामिक देश है उन्होंने धर्म बदला अपने पुरखे नहीं बदले वहाँ के नोट पर आज भी गरुण और भगवान गणेश के चित्र है अपने वक्तव्य में आगे कहा कि जब वह ईरान गए तब उन्हों जिस होटल में ठहराया गया उस का नाम तनिष्क था और हम भारत जैसे विशाल देश मे रह कर भी कहाँ उलझे हुए है हमे समझना होगा ,
मित्रो मेरा मन्तव्य केवल इतना है कि जो बीते कल में घट चुका है उसे हम नहीं बदल सकते किन्तु भविष्य हमारे हाथ में है यदि हम सभी मिलकर राष्ट्र को मजबूत करने का कार्य करेंगे तो भारत फिर से विश्वगुरू की उपाधि हासिल करेगा ये तभी सम्भव है जब हम अपने नैतिक मूल्यों को समझेंगे आपस मे बैर भाव न रख कर राष्ट्र के हित मे सोचेगे
जय हिंद |
Gopal Gupta" Gopal"✍️