ग़ज़ल
खो गए राह के उजाले हैं,
जिस्म पर ज़िन्दगी कें छाले हैं,,
रात उजली है दिन बड़े धुंधले,
इश्क़ के ढंग बड़े निराले हैं,,
तुम को शायद ख़बर नहीं इतनी,
ख़्वाब आँखों ने ख़ूब पाले हैं,,
राह रोशन रहे उजालों से,
आसमाँ पर दिये उछाले हैं,,
जिस्म की आग में झुलसता हूँ
ग़ुम गए रूह के उजाले हैं,,
Gopal Gupta "Gopal"
HARSHADA GOSAVI
10-Aug-2023 07:16 AM
Nice
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Alka jain
10-Aug-2023 05:36 AM
Nice one
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Sushi saxena
10-Aug-2023 05:03 AM
Nice
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