सांस्कृतिक साहित्य को संजोए रखने में लेखकों की है अहम भूमिका :- दुष्यंत चौटाला

सांस्कृतिक साहित्य को संजोए रखने में लेखकों की है अहम भूमिका- दुष्यंत चौटाला।।

युवा लेखक विकास बिश्नोई द्वारा लिखित पुस्तक "आओ चलें उन राहों पर" का किया विमोचन।।

युवा साहित्य लेखक विकास बिश्नोई की लेखन कला की प्रशंसा।।

हिसार, 17 अगस्त

 प्रदेश के उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने हिंदी साहित्य  को संजोए रखने में लेखकों की अहम भूमिका बताते हुए कहा कि लेखकों की लेखनी से ही साहित्य का प्रचार और प्रसार हो सकता है। उन्होंने यह बात हिंदी साहित्य के युवा लेखक विकास बिश्नोई के द्वारा बाल कहानी संग्रह के अंर्तगत लिखित पुस्तक " आओ चलें उन राहों पर" का विमोचन करते हुए कही। उन्होंने कहा कि  उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने विकास को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि विकास जैसे युवा  प्रतिभाशाली युवा लेखक समाज मे सभी के लिये प्रेरणा दायक है क्यों कि आधुनिकता के इस युग मे हिंदी साहित्य की गरिमा को बचाये रखने के लिये नई नई चीजों का प्रकाशन बहुत जरूरी है।  उन्होंने कहा कि युवा लेखक विकास के द्वारा लिखे गए ये कहानी संग्रह निश्चित ही समाज और बाल वर्ग को एक नई प्रेरणा देगा। इस अवसर पर युवा लेखक विकास बिश्नोई ने उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला का उनकी पुस्तक के प्रति रुचि दिखाने व उनका प्रोत्साहन करने के लिये आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनके इस कहानी संग्रह का प्रकाशन दिल्ली के शब्दाहुति प्रकाशन द्वारा अमृत महोत्सव योजना के अंतर्गत निशुल्क किया गया है। संग्रह में बाल वर्ग में देशभक्ति की भावना पैदा करने के साथ साथ मानवीय मूल्यों और संवेदनाओ से प्रेरित 35 से ज्यादा कहानियां है। इस अवसर पर जेजेपी प्रदेश प्रवक्ता एडवोकेट मनदीप बिश्नोई, जाम्भाणी साहित्य अकादमी के मुख्य प्रचारक पृथ्वी सिंह बैनीवाल,  शिक्षाविद डॉ अजीत सिंह उपस्थित थे।

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