Shalini Sharma

Add To collaction

लखनी प्रतियोगिता 20 अगस्त 2023 हे गजबदन, हे गणनायक

हे गजबदन,हे गणनायक 

आ जाओ तुम फिर से... 
तुम्हारी महिमा हम क्या गाएं
द्वारे पर हाथ जोड़ खड़े 
आ जाओ तुम फिर से...

विघ्नहर्ता तुम, बुद्धि दाता तुम
दीनों के प्रभु भाग्यविधाता तुम 
तुमरे दर्शनों की आस है 
नमन है चरणों में तेरे 
आ जाओ तुम फिर से...

चतुर्थी में जब भी आते 
घर को मेरे पावन करते 
थोड़ी सी सेवा से प्रभु जी 
सब सुख भंडारे भरे 
आ जाओ तुम फिर से... 

तुम जगत के पालन हारी 
दया करो, हे गजमुख धारी 
तुम ही हो मेरी आस्था 
तुम ही विश्वास मेरे 
आ जाओ तुम फिर से...

हे गजबदन,हे गणनायक 
आ जाओ तुम फिर से... 
तुम्हारी महिमा हम क्या गाएं
द्वारे पर हाथ जोड़ खड़े 
आ जाओ तुम फिर से...

(स्वरचित एवं मौलिक)
शालिनी शर्मा स्वर्णिम 
इटावा उत्तर प्रदेश

   6
1 Comments

खूबसूरत भाव और अभिव्यक्ति

Reply