भारत का गौरवान्वित एक पल--
आज चंद्रयान-3 के सफल प्रक्षेपण के बाद दुनिया भर में भारत का नाम स्वर्ण अक्षरों में लिखा गया है।
जो कौन दुनिया के बड़े-बड़े देश नहीं कर पाए वह काम भारत ने कर दिखाया लेकिन इसकी शुरुआत आज नहीं बहुत पहले से हो चुकी थी ।
भारत में अंतरिक्ष यात्रा करने की बहुत पहले ही शुरुआत कर चुका था।
आज हम अंतरिक्ष यात्रा करनेवाले पहले भारतीय के बारे में जानेंगे।
अशोक चक्र से सम्मानित राकेश शर्मा भारत के प्रथम अंतरिक्ष यात्री थे ।वह भारतीय अंतरिक्ष यात्रा के प्रमुख प्रतिष्ठित नामों में से एक हैं।
जन्म और शिक्षा: राकेश शर्मा का जन्म 13 जनवरी 1949 को पंजाब के पटियाला शहर में हुआ था।
उन्होंने पंजाब और तमिलनाडु में शिक्षा प्राप्त की और भारतीय वायुसेना में करियर की शुरुआत की।
बड़े होने के बाद उन्होंने एनडीए की परीक्षा पास की और वायुसेना का कार्य भार संभाला।
वायुसेना की सेवा:राकेश शर्मा ने भारतीय वायुसेना में करियर बनाया और मिग-21 लड़ाकू विमानों के पायलट के रूप में काम किया।
वह वायुसेना में अपनी उत्कृष्ट कौशल के लिए प्रसिद्ध हुए।
सोवियत अंतरिक्ष मिशन: राकेश शर्मा की सबसे महत्वपूर्ण क्षण उनका सोवियत यूनियन के स्पेस स्टेशन सोयुज टी-11 के सदस्य के रूप में अंतरिक्ष में यात्रा करने का था।
1980ई. में भारत सरकार ने सोवियत रूस के साथ मिलकर अंतरिक्ष अभियान की योजना बनाई।
उसमें यह तय हुआ था कि इस अभियान में एक भारतीय भी होगा।
तब श्रेष्ठ उम्मीदवारों के लिस्ट में से इसरो की ओर से राकेश शर्मा को चयनित किया गया।
राकेश शर्मा एक कुशल मिग चालक भी थे।
कुछ अभ्यासों और कड़ी प्रतियोगिताओं के बाद 2 अप्रैल1984ई. को अपने तीन सोवियत साथियों के साथ उन्होंने अंतरिक्ष में कदम रखा।
उन्होंने वहां सात दिन,इक्कीस घंटे और चालीस मिनट बिताया था।
तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने जब उनसे पूछा कि ऊपर से भारत कैसा दिखाई देता है तो उन्होंने कहा था"सारे जहाँ से अच्छा!"
उन्होंने अंतरिक्ष से "नमस्ते!"का संदेश भी भेजा था।
राकेश शर्मा भारत के प्रथम और विश्व के 138वें व्यक्ति थे जो अंतरिक्ष गमन कर चुके हैं।
राकेश शर्मा ने जो अपनी अतुलनीय देन दी है,वह हमेशा भारत में स्वर्ण अक्षरों में लिखा जाएगा।
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सीमा
#लेखनी दैनिक प्रतियोगिता
Anjali korde
15-Sep-2023 12:32 PM
Nice
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Babita patel
14-Sep-2023 11:08 AM
V nice
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hema mohril
13-Sep-2023 07:36 PM
Nice
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