Dev Rishi

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वो अमीरों की दौलत भाग 2

वो अमीरों की दौलत भाग -2

श्याम जी और बेला अपने पति के साथ घर आई।  दोपहर के तीन बज रहे थे। तो श्याम जी के लाड़ला बेटा ने  गौरी (गाय )को खिचड़ी और भुसा मिलाकर खाना दे चुके थे। घर के कुछ काम भी कर दिया करते थे। क्यों कि बहन न होने से मां को घर से लेकर खेती-बाड़ी में काम करना मुश्किल हो जाती है। श्याम जी कभी कभी मालिक के यहां चला जाता है तो  मां बेटा ही दोनों मिलकर काम करते हैं।

रे शिवा ....। श्याम जी ने अपने बेटे को आवाज दी। जो चापाकल पर पैर हाथ धो रहा था। क्यों कि अभी ही तो गौरी ( गाय) को खाना दिया था।

जी पापा आता हूं ।शिवा जल्दी से पापा के पास आया और हाथ बांधकर खड़ा हो गया। श्याम जी ने शिवा से कहा कि तुम मालिक के यहां चला आओ ।अगर कोई काम हो तो कर देना। मैं आज बहुत थक गया हूं। भीतर से बुखार लग गया है। भर दिन नदी की पानी में रहकर धान रोपाई की हूं। तो अब खड़ा नहीं हुआ जा रहा है।

जी पापा मैं चला जाता हूं। आप आराम कर लिजिए। शिवा.... बेला ने  शिवा के पास गई और बोली थोड़ा सा खा लो तब चला जाना। सुबह से कुछ खाया नहीं है। मैं कितनी बार कहती हूं कि खुद पर ध्यान दिया करो। पर तुम तो कभी ध्यान ही नहीं देते हो।

मां भला अपने बच्चों की हर छोटी-बड़ी खबर रखती है। पिता भी रखते हैं परंतु कभी सामने से नहीं कहते हैं।  मां के कहने पर शिवा ने खाना खाया और घर से निकल गया।

केशव और शिवा  बहुत ही अच्छे मित्र हैं। पढ़ाई लिखाई दोनों साथ ही किये थे। बारहवीं के बाद दोनों ने खेती-बाड़ी में पैर रख दिया। क्यों कि कौन शहर जाएगा और उतना भला रूपया भी नहीं है जो शहर में नाम भी लिखवा सकें। तो बस बारहवीं के बाद घर पर ही दोनों रहता है। अपने घर के कामों में व्यस्त खुद को रखता है।

केशव और शिवा एक दुसरे का पुरक भी कह सकते हैं। बचपन से साथ थे। और हर काम में दोनों साथ रहते थे।  शिवा के पास  साईकिल नहीं थी। इसलिए केशव को हवेली छोड़ने के लिए कभी कभी कह देता था। वह भी सीधे मुह से नहीं बोल पाता था। परंतु वह दोस्त कैसा जो अपने यार के दिल की बात न समझे। इसलिए

आज भी दोनों केवश ने अपने घर पर शिवा को देखकर बोला  , क्या हुआ फिर पापा की तबियत ठीक नहीं है। अच्छा कोई बात नहीं है। चलो हमलोग चलते हैं। रूक खाना खा लेता हूं साइकिल तो मुझे ही चलानी पड़ेगी। केशव ने जल्दी से एक ही थाली में दोनों के लिए खाना ले आया। शिवा ने कहते हुए भी केशव के जिद्द पर खाना खा लिया।

और दोनों साइकिल से हवेली की ओर चल दिया।

जारी है...

देव ✍️✍️

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5 Comments

RISHITA

13-Oct-2023 01:03 PM

V nice

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hema mohril

11-Oct-2023 02:38 PM

V nice

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Gunjan Kamal

08-Oct-2023 08:51 PM

👏👌

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