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*राम होना सहज नहीं है।
लेकिन सहजता से जो सब कर पाए
वही राम है।*
*वैसे तो इस कलयुग में
रावण होना भी आसान नहीं है!*
क्योंकि रावण प्रकाण्ड विद्वान, परम शक्ति शाली
कुशल रचनाकार और महान शिव भक्त था !
उसने बहन की रक्षा का वचन निभाया और सीता को कभी हाथ भी ना लगाया l*
भाई का धोखा उसकी मौत का कारण था !
दोबारा मत होने दो सब l
क्योंकि तब तुम्हें कोई सत्य नहीं बता पाएगा l
आज हर व्यक्ति को रावण का पुतला बिना सत्य जाने समझे जलाने की होड़ है!
जितने दिमाग, उतने विचार
जितने विचार उतनी सोच
जितनी सोच उतनी बातें
काश
रावण से कई गुना बुरे लोग
रावण से हजार गुना पापी
रावण के नाखून की भी बराबरी न कर
सकने वाले लाखों लोग बस इतना समझ जाएं तो
हर एक का मौक्ष हो जाए
*रावण मरे या ना मरे,*
*महत्वपूर्ण यह नहीं है।*
*महत्वपूर्ण तो यह है कि*
*आपके अंदर राम जीवित*
*होना चाहिए ।*
*रावण दहन मनोरंजन
और आखेट का विषय हो
सकता है, लेकिन सबसे महत्वपूर्ण है
आपके अंदर मर्यादा पुरुषोत्तम
श्रीराम का जीवित होना*
*यह आपके धर्म का विषय है।*
*सज्जन एवं पराक्रमी राम
धर्म का मूर्तरूप है।*
*ये धर्म क्या है? कभी समझा ?*
*पाँच कर्मेन्द्रियां और पाँच
ज्ञानेन्द्रियां इन को मिलाकर,
इन दसों इन्द्रियों को हराने
का नाम ही है दशहरा ।*
यदिपरमात्मा शिव के परम भक्त हो तो
न सिर्फ़ सर्व को प्राप्त करो , मौक्ष के साथ अमरत्व भी प्राप्त करो l
ये तभी होगा जब दशहरे पर पुतले का युगों पुराना रावण नहीं
बल्कि स्वयं के विकारों को शिव को अर्पित करोगे l
कर दो आज ये रावण दहन
और पा लो पूर्ण शिव को l
अपर्णा गौरी शर्मा 🕉️
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Mohammed urooj khan
25-Oct-2023 12:49 PM
👌🏾👌🏾👌🏾👌🏾
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अपर्णा " गौरी "
26-Oct-2023 12:06 AM
😊🙏🏻😊
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Punam verma
25-Oct-2023 09:14 AM
Very nice👍
Reply
अपर्णा " गौरी "
26-Oct-2023 12:06 AM
Thank you dear
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Abhinav ji
25-Oct-2023 08:44 AM
Very nice 👍
Reply
अपर्णा " गौरी "
26-Oct-2023 12:07 AM
Thanks ji
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