लेखनी प्रतियोगिता -04-Dec-2023 दैनिक प्रतियोगिता - खौफ़
दैनिक प्रतियोगिता - खौफ़
खौफ़ है ऐसा उनका ,
देख गुस्सैल छवि ,
दिल घोड़े सा भागता l
आवाज़ पर उनकी एक ,
सारा घर है काँपता l
कहने को तो हम ,
स्वामी हैं उनके l
पर उनकी इच्छा बिन ,
घर में पत्ता तक नहीं हिलता l
कुछ मिजाज़ ही अलग है ,
श्रीमती जी का हमारी l
मुस्कुराहट देख उनकी ,
दिल खुशी से नाचता l
जो हो जाए क्रोधित ,
कलेजा मुँह को आ जाए l
अपनी क्या मजाल ,
सामने उनके काल भी नाचता l
हे प्राण प्यारी ! हे प्रियतमे !
अर्धांगिनी हो तुम हमारी l
यू ना लिया करो, परीक्षा हमारी ,
नाजुक़ दिल कब तक सहेगा ?
कहीं खौफ़ से तुम्हारे ,
रुक ना जाए, धड़कन बेचारी l
फिर क्या होगा उन ,
बनारसी साड़ियों का तुम्हारी l
हम पर नहीं तो,
खुद पर रहम करो l
सफेद साड़ी नहीं जंचेगी ,
तुम पर सुकुमारी l
कर जोड़ खड़े हैं ,
शरण में तिहारी l
भूल चूक जो, कोई हो गई हो ,
माफ कर दो मेरी प्यारी l
🤣🤣🤣🤣🤣🤣🤣🤣
#दैनिक प्रतियोगिता
#प्रमिला सिंह
Rupesh Kumar
11-Dec-2023 06:51 PM
शानदार
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Shashank मणि Yadava 'सनम'
05-Dec-2023 07:58 AM
बेहतरीन
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Varsha_Upadhyay
04-Dec-2023 08:01 PM
Nice
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