लेखनी कहानी -31-Dec-2023
शीर्षक - दहकता ज्वालामुखी
आज का विषय और शीर्षक जो कहानी है वह प्रकृति और कुदरत के संदर्भ से महत्व रखता है और और हम सभी कुदरत और प्रकृति को एक भौगोलिक घटना के साथ-साथ वातावरण के साथ भी हम पृथ्वी की अंदर ज्वालामुखी के साथ देवता लव और कुछ प्लेट है होती है जिससे दहकता ज्वालामुखी पृथ्वी की सतह पर उपस्थित ऐसी दरार या मुख होता है जिससे पृथ्वी के भीतर का गर्म लावा, गैस, भस्म आदि बाहर आते हैं। वस्तुतः यह पृथ्वी की ऊपरी परत में एक विभंग होता है जिसके द्वारा अन्दर के पदार्थ बाहर निकलते हैं। ज्वालामुखी द्वारा निःंसृत इन पदार्थों के जमा हो जाने से निर्मित शंक्वाकार स्थलरूप को ज्वालामुनखी शंकु कहा जाता है।
ज्वालामुखी का सम्बन्ध प्लेट विवर्तनिकी से है क्योंकि यह पाया गया है कि बहुधा ये प्लेटों की सीमाओं के सहारे पाए जाते हैं क्योंकि प्लेट सीमाएँ पृथ्वी की ऊपरी परत में विभंग उत्पन्न होने हेतु कमजोर स्थल उपलब्ध करा देती हैं। इसके अलावा कुछ अन्य स्थलों पर भी ज्वालामुखी पाए जाते हैं जिनकी उत्पत्ति मैंटल प्लूम से मानी जाती है और ऐसे स्थलों को हॉटस्पॉट की संज्ञा दी जाती है। भू-आकृति विज्ञान में ज्वालामुखी को आकस्मिक घटना के रूप में देखा जाता है और पृथ्वी की सतह पर परिवर्तन लाने वाले बलों में इसे रचनात्मक बल के रूप में वर्गीकृत किया जाता है क्योंकि इनसे कई स्थलरू पों का निर्माण होता है। वहीं, दूसरी ओर पर्यावरण भूगोल इनका अध्ययन एक प्राकृतिक आपदा के रूप में करता है क्योंकि इससे पारितंत्र और जान-माल का क्षति होता है। ज्वालामुखी का सम्बन्ध प्लेट विवर्तनी से है क्योंकि यह पाया गया है कि बहुधा ये प्लेटों की सीमाओं के सहारे पाए जाते हैं क्योंकि प्लेट सीमाएँ पृथ्वी की ऊपरी परत में विभंग उत्पन्न होने हेतु कमजोर स्थल उपलब्ध करा देती हैं। इसके अलावा कुछ अन्य स्थलों पर भी ज्वालामुखी पाए जाते हैं जिनकी उत्पत्ति मैंटल प्लूम से मानी जाती है और ऐसे स्थलों को हॉटस्पॉट की संज्ञा दी जाती है। भू-आकृति विज्ञान में ज्वालामुखी को आकस्मिक घटना के रूप में देखा जाता है और पृथ्वी की सतह पर परिवर्तन लाने वाले बलों में इसे रचनात्मक बल के रूप में वर्गीकृत किया जाता है क्योंकि इनसे कई स्थलरूपों का निर्माण होता है। वहीं, दूसरी ओर पर्यावरण भूगोल इनका अध्ययन एक प्राकृतिक आपदा के रूप में करता है क्योंकि इससे पारितंत्र और जान-माल का क्षति होता है। आज की कहानी में कुछ विवरण हमने इंटरनेट की सहायता से और कुछ अपनी सामान्य ज्ञान से और कुछ शब्दों को कहानी ग्रुप में लिखने का प्रयास किया है आशा है कि आप सबको हमारी मेहनत और शब्दों को सहयोग मिलेगा और देखते ज्वालामुखी कहानी को पढ़कर आपको हमारे शब्दों से आप हमें अपनी प्रतिक्रिया से सहयोग प्रदान करेंगे क्योंकि हमारी कहानी के पाठक हमारा उत्साह वर्धन करते हैं।
नीरज अग्रवाल चंदौसी उ.प्र
Mohammed urooj khan
18-Jan-2024 01:16 PM
👌🏾👌🏾👌🏾👌🏾
Reply
Alka jain
16-Jan-2024 10:52 PM
Nice
Reply
Gunjan Kamal
08-Jan-2024 09:23 PM
👏👌
Reply