Sandeep Kumar

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लेखनी प्रतियोगिता -11-Feb-2024

अभी दूरी बहुत है थोड़ा पास आने दो ना 
अभी हुआ शुरुआत है तो भाव खाने दो ना 
रखेंगी बात वह भी अपनी बहुत सारी
नशीली थोड़ी सी मिजाज हो जाने दो।।

वक्त गुजर रहा है और गुजर जाने दो ना 
उसे अच्छे से सब कुछ समझ जाने दो ना 
बाकी फैसला रब के हाथ में है ही 
अपनी तो बस कोशिश जारी रहने दो ना।।

पट जाएगी लगी शर्त 
पहले ज्वा पर उसकी मेरी नाम तो आ जाने दो ना 
कोशिश करने वाले कहां हारे हैं
दशरथ मांझी जैसा मुझे भी प्यार में डूब जाने दो ना।।

मैं भी रात दिन एक कर दूंगा
अभी लजा रही है तो लजाने दो ना 
यार शर्म लगती है सामने उसकी
इस हाय की दुनिया को हमें भी मिटाने दो ना।।

बात बन जाएगी है विश्वास
गाड़ी को पटरी पर तो आने दो ना
मुलाकात का सिलसिला तो जारी है ही ना
एक बार जबरदस्त टक्कर खाने दो ना।।

सब लाइन पर आ जाएगी मान मेरी
थोड़ी ठोकर तो खा जाने दो ना
प्रपोजल है मेरा तैयार
प्रपोज का समय तो आ जाने दो ना।।

संदीप कुमार अररिया बिहार

प्रतियोगिता हेतु 

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4 Comments

Mohammed urooj khan

13-Feb-2024 12:55 PM

Q👌🏾👌🏾👌🏾👌🏾

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Gunjan Kamal

12-Feb-2024 03:42 PM

👏👌

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Ajay Tiwari

12-Feb-2024 08:59 AM

Nice👍

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