लेखनी प्रतियोगिता -12-Feb-2024 अंतरजाल
शीर्षक = अंतरजाल
इंटरनेट, आज दुनिया के कोने कोने तक पहुंच गया है कोई गांव,बस्ती, देहात और कोई शहर ऐसा नही जहाँ के नए लोगो को मोबाइल और इंटरनेट के बारे में पता न हो, पुराने लोगो के लिए तो आज भी इंटरनेट की दुनिया को समझ पाना लोहे के चने चबाने जैसा है, लेकिन नई जनरेशन के लिए ये बाये हाथ का खेल है।
इंटरनेट जिसे हिंदी में अंतरजाल के नाम से जानते है जानने की कोशिश करते है कि ये किस बला का नाम है और इसका अविष्कार किसने और क्यू किया था?
इंटरनेट का आविष्कार लगभग 1960 दशक में अमेरिकी इंजीनियर और वैज्ञानिक लेओनार्ड क्लाइनरॉक ने किया था। उन्होंने “गैलेनो” नामक प्रोजेक्ट के तहत कंप्यूटर नेटवर्क की खोज और विकास किया था जिससे विभिन्न कंप्यूटर सिस्टम आपस में जुड़ सकते थे।
उसी के साथ भारत में इंटरनेट का आविष्कार 15 अगस्त 1995 को हुआ था। उस समय भारत सरकार ने विद्युत् मंत्रालय के तहत इंटरनेट सेवाओं की शुरुआत की थी। इससे पहले, भारत में इंटरनेट का उपयोग संगठनों और शैक्षिक संस्थानों में था, लेकिन विशाल मामूल पर यह सेवाएँ उपलब्ध नहीं थीं।
इंटरनेट की शुरुआती दशकों में, इंटरनेट का उपयोग भारत में धीरे-धीरे बढ़ता गया और अब यह एक महत्वपूर्ण साधन बन गया है जो लोगों को जानकारी, संवाद, और सेवाओं का एक माध्यम प्रदान करता है।
उसी के साथ इंटरनेट के माध्यम से एक जगह से दूसरी जगह की जानकारी प्राप्त करने के लिए जिस उपकरण का इस्तेमाल किया जाता है उसे फाइबर ऑप्टिक्स कहते है
फाइबर ऑप्टिक्स शब्द सुनकर दिमाग में हाई-स्पीड इंटरनेट केबल का विचार आता है। विज्ञान की गहराइयों में जाकर समझो तो यह लचीले तंतुओं के माध्यम से प्रकाश को प्रसारित करने का विज्ञान है। कंप्यूटर से जुड़ी अधिकतर चीजों की खोज विदेश में हुई है, लेकिन कम ही लोगों को पता है कि फाइबर ऑप्टिक्स शब्द गढ़ने वाले नरिंदर सिंह कपानी भारत में पैदा हुए और यहीं पढ़े हैं। वे एक ऐसे गुमनाम हीरो हैं, जिसने दुनियाभर के अरबों लोगों के जीवन में योगदान दिया।
फाइबर ऑप्टिक्स तकनीक खोजकर दुनिया में संचार क्रांति की नींव रखने वाले प्रो. नरिंदर सिंह कपानी की उपलब्धियों को आखिरकार अपने देश में भी उचित सम्मान मिल गया। केंद्र सरकार ने कपानी को मरणोपरांत देश के दूसरे सर्वोच्च नागरिक सम्मान पद्म विभूषण से नवाजने की घोषणा की। पंजाब के मोगा में जन्मे ‘फादर ऑफ आप्टिक्स’ के नाम से मशहूर कपानी का 94 साल की उम्र में अमेरिका में निधन हो गया।
इंटरनेट का इस्तेमाल जितना अच्छे काम के लिए किया जा रहा है उससे ज्यादा कही इसका दुरूपयोग भी किया जा रहा है बहुत से ऐसे बुरे तत्व है हमारे बीच जो इसका इस्तेमाल लोगो को परेशान करने के लिए, उन्हें धोखा देने के लिए करते है, इंटरनेट में अच्छी और बुरी दोनों ही दुनिया समाई हुई है ये पूरी तरह आप पर निर्भर करता है कि आप इसका इस्तेमाल कर खुद को निखारना चाहते है या इसके दुरूपयोग से अपना जीवन नर्क की और धकेलना चाहते है भले ही इंटरनेट स्वर्ग का द्वार नही है लेकिन इसका गलत इस्तेमाल आपको नर्क के द्वार पर खड़ा कर सकता है।
इसी के साथ सोशल मीडिया पर अपनी पर्सनल डिटेल शेयर न करे आप नही जानते सामने वाला किस तरह के विचार रखता है, सोशल मीडिया की दुनिया अच्छी है लेकिन आपके परिवार वालो से ज्यादा अच्छी नही है किसी पर भी भरोसा न करे और कुछ भी उल्टा सीधा किसी के साथ भी साँझा न करे जो आपको बाद में मुश्किल में डाल दे आज कल फैमिली व्लॉगिंग का शुमार बहुत ज्यादा देखने को मिल रहा है अच्छी बात है सोशल होना लेकिन इसका मतलब ये नही की अपनी हर अच्छी और बुरी बात को उठा कर सोशल मीडिया पर डाल दिया जाये खास कर ज़ब आप किसी परेशानी में हो हम आज कल देख रहे है कि अगर घर का कोई बंदा बीमार होता है उसे कही ले जाना होता है तो पहले उस पर ध्यान नही दिया जाता है मोबाइल उठा कर व्लॉग बना लिया जाता है
कई बार तो ऐसा लगता है मानो ये सब नाटक कर रहे हो वरना कोई बीमार हो उसे अस्पताल ले जाना हो तो सबसे पहले हम लोग उसे देखेंगे या मोबाइल लेकर वीडियो बनाने लगेंगे हमारे घर वाले तो हम पर ही चोड़े हो जायेंगे पता नही उनके घर वाले कैसे इस चीज की इजाजत दे देते होंगे
दूसरा ये भी की अगर आप कही घूमने जाने का व्लॉग बना रहे है तो भी उसे पूरा शुरू से आखिर तक का और अपने हर पल पल की खबर मत दीजिये कि हमने घर को बंद कर दिया है अब हम तीन दिन बाद घर आएंगे घर पर कोई भी नही है घर का भेदी ही लंका ढाता है इस बात का ध्यान रखना चाहिए नही पता आपकी वीडियो कौन लोग देख रहे है कहा से देख रहे है
समाप्त....
प्रतियोगिता हेतु....
मोहम्मद उरूज खान
Dilawar Singh
14-Feb-2024 08:01 AM
बहुत अच्छी प्रस्तुति👌👌
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Gunjan Kamal
13-Feb-2024 09:19 PM
बहुत खूब
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Khushbu
12-Feb-2024 11:11 PM
Nice
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