Neeraj Agarwal

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लेखनी कहानी -29-Feb-2024

शीर्षक - रोजगार आदमी की पहचान


सच आदमी की पहचान ही रोजगार यूं कहिए रोजगार आदमी की पहचान है क्योंकि जब रोजगार होगा तब धन और आर्थिक स्थिति सही होगी । जीवन सच के साथ भी हम सभी सोचते हैं कि रोजगार आदमी की पहचान है क्योंकि बिना रोजगार की धन और आर्थिक स्थिति सही नहीं होगी और जब हमारी आर्थिक स्थिति सही नहीं होगी तब हमें कोई सहयोग और साथ ही नहीं बनाएगा क्योंकि आज जीवन में हम किसी भी काम के साथ-साथ अपना नाम जोड़ सकते हैं और काम कुछ भी हो सकता है परंतु वह रोजगार के तहत हो तो सच ही कहा है रोजगार आदमी की पहचान है और इस पहचान से हम जीवन में आगे बढ़ते हैं अब हम सब एक उदाहरण सच समझते हैं हम सभी मानव एक दूसरे की सहयोग की है परंतु जब हम बचपन से जवानी में कदम रखते हैं तब हमारे परिवार वाले भी हमसे आशाएं और उम्मीद रखते हैं कि यह लड़का या लड़की आप पर लिखकर शिक्षित होकर या अशिक्षित हो फिर भी वह धन कमाने के तरीके सोच कर जीवन चलता है आज हम सभी आर्थिक संपदा को विशेष महत्व देते हैं क्योंकि बिना आर्थिक संपदा की हम कभी भी जीवन में आगे नहीं बढ़ सकते क्योंकि आज हम जीवन में धन और संपत्ति का विशेष महत्व है आओ हम सब मिलकर सोच रोजगार आदमी की पहचान है। आज आधुनिक युग में हम सभी दिखावे की साथ बढ़ रहे हैं परंतु यह सच है रोजगार आदमी की पहचान आज रोजगार में सभी शिक्षित वर्ग का शोषण भी हो रहा है और जो शिक्षा से कमजोर उनका जीवन उपयोग हो रहा है परंतु हम सभी जानते हैं रोजगार आदमी की पहचान बना और हर आदमी का सपना रोजगार हैं। क्योंकि हम सभी जानते हैं जीवन में रोजगार आदमी की पहचान है अगर आदमी को अपने जीवन में विवाह शादी या जीवन को आगे बढ़ाने की तैयारी करनी है तो सबसे पहले आदमी की पास आर्थिक संपूर्णता होनी चाहिए क्योंकि आज बिना आमदनी और आर्थिक स्थिति साथ हम आगे नहीं बढ़ पाएंगे। राजू अपने मोहल्ले में एक होनहार लड़का था। और उसके पास माता-पिता की संपत्ति थी और वह माता-पिता माता-पिता की संपत्ति के साथ बेफिजूल खर्च और मस्त रहता था माता-पिता के देहांत के बाद धीरे-धीरे जमा पूंजी संपत्ति समाप्त हो गई और दिन व दिन गरीब होता गया और उसने रोजगार करने की सोची क्योंकि रोजगार ही आदमी की पहचान है। परंतु समय की कदर न करने के साथ-साथ रोजगार की भी एक उम्र और सहयोग होता है सच बिना रोजगार के कुछ नहीं है आओ हम सभी पाठक मिलकर सोचते हैं। आओ हम आज सच कहते हैं की रोजगार ही आदमी की पहचान है क्योंकि खाली दिमाग और खाली समय शैतान और शैतानी का घर होता है सच और शिक्षा ही जीवन का आधार है और रोजगार आदमी की पहचान है जिस आदमी अपने जीवन का अधिकतर हिस्सा धन एकत्र करने में खर्च करता है वह रोजगार व्यापार या सेवाएं मजदूरी और जीवन में काम करता है रोजगार आदमी की पहचान है यह बात सच और सही हम सभी को मालूम है परंतु सही काम और सही दिशा सही आदमी की शान है क्योंकि रोजगार ही आदमी की पहचान है। आओ हम सब मिलकर जीवन के सच को प्रेरणा के साथ लिखते हैं और हमारे पाठक सच और सही का आकलन करते हैं क्योंकि शिक्षा ही रोजगार की शान है वैसे तो अशिक्षित भी रोजगार करते हैं परंतु शिक्षा के साथ रोजगार आदमी की शान है और आज के आधुनिक युग में रोजगार आदमी की पहचान है।


नीरज अग्रवाल चंदौसी उ.प्र

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4 Comments

Varsha_Upadhyay

02-Mar-2024 06:57 PM

Nice

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Mohammed urooj khan

02-Mar-2024 12:06 PM

👌🏾👌🏾👌🏾👌🏾

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Gunjan Kamal

01-Mar-2024 11:08 PM

👌👏

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