लेखनी प्रतियोगिता -20-Mar-2024
धड़कन धड़-धड़ कर रहि
जाने किधर है वह
आज नजर नहीं आई
शायद किसी सफर में है वह
धड़कन धड़-धड़,,,,
कुछ बोलती नहीं
मगरूर सियासी चाल है वह
जाने क्या खबर है उसकी
किस हाल में है वह
धड़कन धड़-धड़,,,,
उससे पूछ सकता नहीं
बड़ी तीखी मिर्ची बवाल है वह
एक रहस्य अदम्य है
बहुत बड़ी सवाल है वह
धड़कन धड़-धड़,,,,
सच कहता हूं
संजीवनी मसाला है वह
गहराई हुई घाव का
दारू दवा इलाज है वह
धड़कन धड़-धड़,,,,
मुझसे होने वाली
सवाल का जवाब है वह
मेरा अद्भुत, अद्वितीय
ख्वाब है वह
धड़कन धड़-धड़,,,,
तिरछी नजरों की
की हुई आघात है वह
सीना फौलादी है उसकी
कुछ और ही बात है वह
धड़कन धड़-धड़,,,,
कुछ दबा हुआ जहन मे मेरा
खुदाई का रहस्य बात है वह
ऐसे ही नहीं लिख देते उस पर
कुछ तो खास बात है वह
धड़कन धड़-धड़,,,,
पहली मुलाकात की
पहली जज्बात है वह
छुपे रुस्तम की रुसवाई
पूर्व जन्म की साथी-साथ है वह
धड़कन धड़-धड़,,,,
संदीप कुमार अररिया बिहार