किसान
खेतों की हरियाली में छुपी, भारत की वीर गाथा,
किसान हैं वह योद्धा, जो लड़े बिना कभी न हारा।
धरती का श्रृंगार, अन्नदाता किसान,
भारत की रीढ़, जीवन का आधार।
हरियाली की चादर ताने, सूरज से बातें करे,
खेतों में सोना उगाए, मेहनत से न डरे।
जीवन का आधार, उनके श्रम की धारा,
भारत की रीढ़ की हड्डी, वो किसान हमारा।
आइए, सम्मान करें, उनके त्याग और तपस्या का,
किसानों के बिना, खाली हर थाली, हर कश्ती।
उनके संघर्ष और सपनों को, करें सलाम,
भारत के किसान, हमारी आन, बान, और शान।
बारिश, धूप, ठंड, गर्मी, सहते हर मौसम का मारा,
फिर भी उनके चेहरे पर, दिखता शांत आशाओं का सारा।
उनके हाथों में है जादू, जो बीजों को जीवन दे जाता,
धरती माँ की गोद में, हरित क्रांति का सपना सजाता।
आओ मिलकर करें सम्मान,
इनके बिना है सब सुनसान।
इस धरती के संतान, हमें आगे बढ़ाने वाले,
भारत के असली नायक, हमें जीवन दिखलाने वाले।
💕💕💕
Mohammed urooj khan
10-Apr-2024 01:06 PM
👌🏾👌🏾👌🏾👌🏾👌🏾
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Gunjan Kamal
08-Apr-2024 10:59 PM
शानदार
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Varsha_Upadhyay
23-Mar-2024 10:42 PM
Nice
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