Neeraj Agarwal

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लेखनी कहानी -08-Apr-2024

शीर्षक - अगर तुम साथ हो ************ अगर तुम साथ हो एक सच तो जीवन का यही है हम सभी का भाग्य और कुदरत के रंग एक सच होता है हम सभी जीवन में एक दूसरे का साथ और सहयोग चाहते हैं। आज के आधुनिक समय और समाज में हम सभी अगर तुम साथ हो सोचते हैं क्योंकि जीवन में चाहत पति-पत्नी इश्क मोहब्बत और जीवन में मेरा भाग्य और कुदरत के रंग एक सच रहता हैं। और सच तो जीवन का यही रहता है कि हम शब्दों में कुछ ना कुछ हकीकत को बयां करते हैं। रवि और रीता दोनों बहुत ही घनिष्ट दोस्त थी जबकि लड़की और लड़के की दोस्ती को लोग सही नहीं समझते हैं फिर भी यह कहानी कुछ ऐसा ही रहती है आओ चलते हैं कहानी के साथ रीता ओ रीता रवि पीछे से आवाज लगता हुआ दौड़ता को चला आ रहा था। तब रीता पीछे मुड़कर देखती है। अरे रवि को क्या हुआ तुमको नहीं मालूम है कि आज हमारा तुम्हारा दोनों का रिजल्ट निकलने वाला है और चलो दोनों रिजल्ट देखने कॉलेज चलते हैं और अगर हमारे डिग्री पूरी रहती है तब फिर कोई हम जीवन की नहीं पड़ाव पर कदम रखेंगे मतलब कोई नौकरी ढूंढेंगे या कोई बिजनेस करेंगे रीता और रवि दोनों एक ऑटो रिक्शा पड़कर कॉलेज पहुंचते है। सभी दोस्त रवि और रीता को बधाई देता है अरे तुम दोनों तो कॉलेज स्टॉप कर दिया दोनों एक दूसरे को बधाई देते है।
रीता और रवि दोनों चाय की कैंटीन में बैठे होते हैं उन्होंने बात करते अब एम बी ए की डिग्री तो पूरी हो गई। दोनों अच्छी नौकरी या बिजनेस की सोच बनाते है। और दोनों एक दूसरे को बधाई देकर अपने-अपने घर जाते है। अपने घर पहुंचती है तब उसे उसके माता-पिता अब तुम्हारी डिग्री पूरी हो गई। अब तुम्हारी हम शादी की बात सोचते हैं रीता रहती है पापा मम्मी मैं अभी अपने पैरों पर खड़ी होकर कुछ करना चाहती हूं तब रीता की मम्मी पापा कहते हैं जो कुछ करना है तुम अपनी ससुराल जाकर करना हमारा फ़र्ज़ था हमने तुमको पढ़ा दिया अब तुम्हें जो करना है वह तो ससुराल याद करना ठीक है। रीता बिना कुछ कहे अपने कमरे में चली जाती है। उधर रवि अपने घर पहुंचता है तो रवि एक अनाथ होता है और वह अपने चाचा चाची की परवरिश से पढ़ लिखकर बड़ा होता है अभी डिग्री पूरी होने के बाद बेटा तुम्हें और भी कुछ करना पढ़ाई में तो पूरी कर लो हम तुम्हें कोई रोक तो नहीं लगाएंगे परंतु रवि कहता है नहीं चाचा जी अब मैं पढ़ चुका अब कोई बिजनेस से नौकरी तलाश करना चाहता हूं ऐसा कहकर रवि अपने चाचा चाची के पैर छूता है जिसे चाहे चाचा बहुत खुश होते हैं जो भी चाचा चाची ने भी रवि को अपने बेटे की अपनी संतान की तरफ वाला था उनके भी कोई संतान न थी। अगले दिन रवि और रीता दोनों एक चाय की रेस्टोरेंट में मिलते हैं और रीता रवि से कहती है कि मेरे माता-पिता मेरी शादी करना चाहती हैं और तुम और हम दोनों अच्छे दोस्त हैं अब तुम बताओ मैं क्या करूं। रीता रवि से कहती है क्या मैं तुम्हें पसंद हूं पर अभी कहता है रीता मैंने तुम्हें दोस्त के सिवा किसी और नजरों से देखा ही नहीं। तब रीता रहती है अब तुम मुझे सभी नजरों से देख लो तुम मुझसे ना कहना कि तुमने मुझे पहले कहा नहीं। ठीक है रीता रवि कहता है मुझे सोचने का कुछ मौका दो। और दोनों अपने-अपने घर चले जाते है। और कुछ दिनों की बात रवि रीता के घर आता है और रीता के घर उसके माता-पिता से मिलता है और रीता का हाथ मांग लेता है। रीता बहुत खुश हो जाती है। और वे अपने कमरे में सब बातें सुन रही होती है तब रीता के माता-पिता रीता को बुलाते हैं। और रीता से उसकी मन की मर्जी उसकी इच्छा पूछते हैं। और रीता रवि के साथ शादी करने की हां कर देती है। रवि अपने घर पहुंचे यह संदेश देता है चाचा चाची बहुत खुश होते है और वह रवि और रीता की सगाई कर देत हैे । कुछ दिनों बाद रवि और रीता की एक अच्छी कंपनी में नौकरी लग जाती है और दोनों अपने शहर से बेंगलुरु जाकर रहने लगते हैं उसके बाद कभी और रीता एक फ्लैट खरीद लेते हैं। रीता रवि से कहती है अगर तुम साथ हो तब जीवन में सब खुशियां का लेंगे और रवि और रीता गले लगते हैं तभी दरवाजे पर घंटी बहुत बजती है। और रीता दरवाजा खोलती है और देखते हैं रीता के माता-पिता और रवि के चाचा चाचा का परिवार सब खड़े हैं दोनों बहुत खुश हो जाते हैं और सब कुछ सही चल रहा है अब तुम दोनों शादी कर लो और दोनों का अच्छा सा मुहूर्त निकाल कर वहीं बेंगलुरु में दोनों की शादी कर देती है और चाचा चाचा और रीता की माता-पिता कुछ दिनों के बाद अपने-अपने घर लौट जाते है। मेरा भाग्य और कुदरत के रंग एक सच के साथ जीवन में हमारे कर्म और हमारे जीवन के सच कहीं ना कहीं काम आती है ऐसे ही रवि और रीता की जीवन में खुशियां इस तरह बस्ती है कि रवि और रीता एक दूसरे से कहते हैं अगर तुम साथ हो तो जीवन के सफर में हमारा भाग्य और कुदरत के रंग एक सच जीवन जिंदगी की राह बन जाते हैं। ***********************"" नीरज अग्रवाल चंदौसी उ.प्र

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5 Comments

Mohammed urooj khan

15-Apr-2024 11:57 PM

👌🏾👌🏾👌🏾👌🏾

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kashish

11-Apr-2024 08:48 AM

Superb

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Varsha_Upadhyay

10-Apr-2024 11:31 PM

Nice

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