Geeta thakur

Add To collaction

श्री राम नवमी

श्री राम नवमी 
श्री राम नवमी का त्योहार चैत्र माह के शुक्ल पक्ष की नवमी को मनाया जाता है। हिंदू धर्म शास्त्रों के अनुसार   श्री राम जी का जन्म हुआ था। 
त्रेता युग में भगवान विष्णु ने राम और माता लक्ष्मी में सीता का अवतार लिया था। इसी कारण रामनवमी को श्री रामचंद्र जी का जन्मदिन मनाया जाता है। 

वाल्मीकि जी के अनुसार चैत्र माह शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि को श्री राम जी का जन्म हुआ था। वाल्मीकि जी लिखते हैं कि जिस समय राम का जन्म हुआ उसे समय 5 ग्रह अपनी उच्चतम स्थिति में थे। मां कौशल्या देवी ने दिव्या लक्षणों से युक्त श्री राम को जन्म दिया।
मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम अवतारी पुरुष जरूर थे लेकिन उन्होंने सामान्य बच्चों की तरह माता के गर्भ से जन्म लिया। 

भगवान राम , भगवान विष्णु के सातवें अवतार है। राम ने रावण का संघार करने के लिए त्रेता युग में धरती पर अवतार लिया, राम को मर्यादा पुरुषोत्तम के नाम से भी जाना जाता है। भगवान राम एक महान राजा थे उन्होंने दया सत्य सदाचार मर्यादा करुणा और धर्म का पालन किया। भगवान राम ने समाज के लोगों के सामने सेवा का उत्कृष्ट उदाहरण दिया। 

रामनवमी की हिंदू त्यौहार है। नौ दिवस या नवरात्रि उत्सव के समापन का भी प्रतीक है। रामनवमी नवरात्रि के नौ दिनों के अंत में मनाई जाती है और दुर्गा देवी की पूजा को समर्पित है। इसके अलावा रामनवमी पर भगवान राम की पूजा की जाती है। भजन संध्या धार्मिक कार्यक्रम होते रहते हैं। नवरात्रि के 9 दिन उसे समय के सबसे घातक राक्षसों को निपटने और आंतरिक शक्ति के लिए पूजा उपवास प्रार्थना करते हैं और मां से शक्ति मांगते हैं। नवरात्रि का दिन बहुत महत्वपूर्ण होता है।

दो बार नवरात्री क्यूं मनाते हैं?
ऐसी मान्यता है कहा जाता है कि, राम देवी के आशीर्वाद के लिए इतना इंतजार नहीं करना चाहते थे और तब से ही प्रतिवर्ष दो बार नवरात्रि का आयोजन होता है। जहां शारदे नवरात्रों में यह सत्य की असत्य पर धर्म की अधर्म पर जीत का स्वरूप माना जाता है वही चैत्र नवरात्रों में इसी भगवान श्री राम के जन्म उत्सव से जोड़ा जाता है। रामनवमी के मौके पर लोग छोटी बच्चियों को खाना खिलाते हैं उनका पूजन करते हैं उसे कन्या पूजन कहते हैं।
प्रत्येक वर्ष नवरात्रि के प्रत्येक दिन महिषासुर पर उनकी विजय के दिन और बुराई पर अच्छाई की अंतिम जीत का जश्न मनाने के लिए दुर्गा देवी  अवतार रूप कीपूजा की जाती है। यही रामनवमी बनाने का उद्देश्य है। 
हमें श्री राम के आदर्श उनके गुण अपनाने ।
चाहिए।।

श्री राम हमारे आदर्श हैं। उनका जीवन में पालन करते हुए पूजा करनी चाहिए। तभी पूजा सफल होगी।
जय श्री राम 🙏🏻

गीता ठाकुर दिल्ली से 
प्रतियोगिता हेतु

   3
3 Comments

Babita patel

16-Apr-2024 06:07 AM

Awesome

Reply

Mohammed urooj khan

15-Apr-2024 11:49 PM

👌🏾👌🏾👌🏾👌🏾

Reply

Abhinav ji

13-Apr-2024 01:28 PM

🙏🙏🙏

Reply