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लेखनी कहानी -23-Apr-2024

शीर्षक - शादी डॉट कॉम ************

 जिंदगी और जीवन में हम सभी को अपने सुख अपनी और जीवन की आकर्षण चाहत मोहब्बत भी पसंद होती है परंतु जीवन में हम सभी के साथ भाग्य किस्मत और कुदरत होती है ऐसे ही आज का विषय है शादी डॉट कॉम मेरा भाग्य और किस्मत और कुदरत के रंग एक सच होता है हम सभी अपने जीवन में जीवन साथी और जीवन के रंग किस्मत के साथ और भाग्य की खेल को समझते हैं।  रंजना एक अच्छे परिवार की लड़की थी। अच्छी शिक्षा और अच्छी कद काठी सुंदर रूप रंग होने के साथ-साथ उसकी शादी नहीं हो पा रही थी मेरा भाग्य और किस्मत के रंग एक सच कहता है आओ हम कहानी पढ़ते हैं। 
              महेंद्र एक अच्छे गांव का जमीदार था और बड़ी किस्मत और मिन्नतों के बाद उसके घर में एक बेटी ने जन्म लिया उसका नाम था रंजना परंतु रंजना जन्म से ही भाग्यशाली थी। जमीदार महेंद्र के दूसरा कोई बच्चा नहीं हो पाया और उसने बच्चे के लिए एक दूसरी शादी भी की थी परंतु किस्मत और भाग्य के साथ-साथ दूसरी पत्नी से भी उनके कोई संतान न हो पाई और वह अपनी बेटी रंजना के साथ ही अपनी जिंदगी को खुशी से बिताने लगे।
        समय बीतता है मेरा भाग्य और किस्मत के रंग रंजन भी बड़ी होती है और समय के साथ उसका रूप यौवन आकर्षक कद काठी अकेली संतान होने के साथ-साथ नकचढ़ी और घमंडी ना व्यवहार कुशलता बस अपने ही गुरूर में रहना रंजना की यह आदत थी समय के साथ-साथ महेंद्र सिंह और उसकी पहली पत्नी एक कर एक्सीडेंट में मारे जाते हैं और उनकी दूसरी पत्नी सुनीता रंजना की आदतों से पहले ही परेशान थी। 
      महेंद्र सिंह और उनकी पहली पत्नी की करने के पश्चात सुनीता महेंद्र सिंह की जायदाद की एकमात्र मालकिन थी परंतु रंजना भी उसी जायदाद की दावेदार थी।  रंजन अपनी सौतेली मां को पसंद नहीं करती थी और समय बीतता है रंजना की सौतेली मां सुनीता रंजना की शादी के लिए अपने मायके वालों से बात करती है और मदद मांगती है और रंजना को समझते हैं बेटी अब तुम बड़ी हो गई हो और तुम्हारा विवाह करना चाहिए बहुत कोशिशें के बाद रंजन को  शादी डॉट कॉम के साथ उसका विवरण दिया जाता है और कुछ दिनों बाद shaadi.com से एक लड़का रंजना को उसके गांव में देखने आता है।
     आज के आधुनिक युग में शादी डॉट कॉम से हम सभी घर बैठे युवा बच्चों की शादी विवाह के लिए हम सभी कुछ फीस या शुक्ल देखकर शादी विवाह करने की सुविधा ले सकते हैं और रंजना भी लड़के को देखकर बहुत खुश हो जाती है। सुनीता को एक सुकून होता है की रंजन को लड़का और लड़के को रंजना पसंद आ जाती है। जीवन में मेरा भाग्य और किस्मत के रंग कहीं ना कहीं एक सच कहते है। क्योंकि हम सभी का जीवन सच तो यह है कि ईश्वर की कुदरत और भाग्य के साथ एक सच कहता है और शादी डॉट कॉम तो एक बहाना है। 
  जीवन में हम सभी कुदरत और भाग्य के रंग के साथ-साथ समय एक सच रहता है हम सभी ईश्वर या कुदरत को न भी माने फिर भी हम सभी का भाग्य और किस्मत जीवन के साथ-साथ चलता है और समय के साथ-साथ हम सभी सुख-दुख शादी जीवन मृत्यु सब कुछ देखते हैं और संसार ऐसे ही चलता रहता है बस हम यही कह सकते हैं की शादी विवाह के लिए भी आधुनिक तरीके आजकल शादी डॉट कॉम के साथ हम जुड़ सकते हैं और जीवन की सुख जिसे हम व्यस्त जीवन कहते हैं उसका आनंद विवाह के बाद या शादी की बात ले सकते है।
     मेरा भाग्य और कुदरत के रंग एक सच शादी डॉट कॉम को भी कह सकते हैं क्योंकि आजकल जीवन में समय और रिश्ते नाते सब समय के साथ-साथ स्वार्थ और फरेब भी रखते हैं परंतु रंजना अपने होने वाले पति रमेश के साथ खुशी-खुशी जीवन की राह पर चलने को तैयार हो जाती है और सुनीता अपने बुढ़ापे के जीवन को शुक्रगुजार रहती है और मन ही मन अपने पति महेंद्र जमीदार को धन्यवाद भी कहती है। 
          मेरा भाग्य और किस्मत के रंग जिसमें शादी डॉट कॉम एक सच छुपा है जिसे हम जीवन की अध्याय का सांसद भी कह सकते हैं क्योंकि समाज और जीवन में शादी विवाह भी बहुत जरूरी है क्योंकि शारीरिक और मानसिक सभी इंसानों के लिए एक जरूरत होती है जिससे हमारा संसारऔर हम सभी जीवन यापन करते हैं। 
      शादी डॉट कॉम मेरा भाग्य और किस्मत के रंग एक सच भी कहता है और जिससे हमें प्रेरणा मिलती है कि रिश्ते नातेदार आजकल की जरूरत है कभी भी निभाते नहीं आओ हम सभी अपने भाग्य और कुदरत के रंग की सच के साथ  शादी  डॉट कॉम पर हम सभी अपनी किस्मत और भाग्य आजमा सकते हैं। 

††* नीरज अग्रवाल चंदौसी उ.प्र

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2 Comments

Babita patel

28-Apr-2024 10:58 AM

Awesome

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Mohammed urooj khan

27-Apr-2024 12:08 PM

👌🏾👌🏾

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