Add To collaction

-----------------------भूल ----------------------------

आज दिनांक २७.४.२४ को प्रदत्त विषय पर प्रतियोगिता वास्ते मेरी प्रस्तुति:-
------------------------------भूल ----------------------------

भूल से भी इन्सान बहुत कुछ सीख लेता है।
भूल तो हो ही जाती है,बहुत सी ज़िम्मेदारी निभाना होता है।।

राजा-महाराजाओं से भी भूल हो ही जाती है।
जनता कष्ट उठाती है और  उनकी गद्दी छिन जाती है।।

इन्सान है गलतियों का पुतला,फ़रिश्ता बन नहीं सकता।
पर क्या फरिश्ता भी कभी कोई भूल नहीं करता।।

ऋषि गौतम ने अहिल्या को बेअपराध पत्थर बना दिया।
युग बीते पाषाण बने तब श्रीराम ने शाप से मुक्त किया ।।

भूल कर पश्चाताप हो और हो सुधार सदा के लिए।
उसको ही मानव कहते हैं,जो जीते हैं हर पल के लिए।।

आनन्द कुमार मित्तल, अलीगढ़

   3
3 Comments

Gunjan Kamal

30-Apr-2024 08:18 AM

शानदार

Reply

Varsha_Upadhyay

27-Apr-2024 10:48 PM

Nice

Reply

Babita patel

27-Apr-2024 02:28 PM

V nice

Reply