जाते हैं
ख़्वाब आँखों के जो आँखों में बिखर जाते हैं,
मौत आती ही नहीं लोग भी मर जाते हैं ,,
ज़िन्दगी साथ निभाती है कहाँ तक देखो,
आस मंज़िल की लिए हम भी उधर जाते हैं
उस ने भेजा ,है, बुलावा तो पड़ेगा जाना,
हम को जाना तो नहीं था कि मगर जाते हैं ,,
तुम जो करते हो सितम यार तो ये होता है,
ज़ख्म सीने के मेरे और निखर जाते हैं,,
रात ने आ के ये एहसास कराया हम को,
लौट जाना है हमे घर को ,सो घर जाते हैं,,
Gopal Gupta "Gopal "
Varsha_Upadhyay
23-May-2024 07:31 AM
Nice
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hema mohril
22-May-2024 09:19 PM
V nice
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Gunjan Kamal
22-May-2024 08:21 PM
बहुत खूब
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