Gopal Gupta

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जाते हैं

ख़्वाब आँखों के जो आँखों में बिखर जाते हैं,
मौत आती ही नहीं लोग भी मर जाते हैं ,,

ज़िन्दगी साथ निभाती है कहाँ तक देखो,
आस मंज़िल की लिए हम भी उधर जाते हैं

उस ने भेजा ,है, बुलावा तो पड़ेगा जाना,
हम को जाना तो नहीं था कि मगर जाते हैं ,,

तुम जो करते हो सितम यार तो ये होता है,
ज़ख्म सीने के मेरे और निखर जाते हैं,,


रात ने  आ के ये एहसास  कराया हम को,
लौट जाना है हमे घर को ,सो घर जाते हैं,,


Gopal Gupta "Gopal "

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3 Comments

Varsha_Upadhyay

23-May-2024 07:31 AM

Nice

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hema mohril

22-May-2024 09:19 PM

V nice

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Gunjan Kamal

22-May-2024 08:21 PM

बहुत खूब

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