Gopal Gupta

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मीर बनने की आरज़ू निकली

मीर बनने कि आरज़ू निकली ,

उस के मुह से कभू कभू निकली,,


हम ने सोचा कि ये हमी तक है,
बात लेकिन ये कू -ब -कू निकली,,

हर्फ़ महके ग़ज़ल के फूलों से,
दिल कि इतनी सी जुस्तो- जू निकली,,

छोड़ ज़ाहिद ये हश्र की बातें,
आज हो कर वो रू-ब-रू निकली ,,

इश्क को मान कर खुदा अपना,
हम से मिलने हो बा-बजू निकली,,

प्यास सहरा कि है बुझाने को ,
तूर से एक आब जू निकली,,
 

 Gopal Gupta" Gopal "

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2 Comments

Gunjan Kamal

03-Jun-2024 01:41 PM

👏🏻👌🏻

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HARSHADA GOSAVI

27-May-2024 12:00 PM

V nice

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