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राज दिल मे

हमे न तुम सतावो जख़्म दिल पर खाये हुए है
हा उन्ही सितम को राज दिल में छुपाये हुए हैं
यूँ हर बार दूर जाने की बात करती थी न तुम
लो हो गई जुदा अब ताउम्र गम उठाये हुए है।

©® प्रेमयाद कुमार नवीन
जिला - महासमुन्द (छःग)

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2 Comments

Gunjan Kamal

10-Apr-2022 12:18 PM

👌👏🙏🏻

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Seema Priyadarshini sahay

18-Nov-2021 08:43 PM

बहुत खूबसूरत

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