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नारी


नारी वेद है नारी पुराण है 
नारी सृष्टि का आधार है
गंगा सी पावन हैं परम 
नारी खुशियों की संसार है –
काशी है नारी काबा है नारी
नारी गीता है नारी कुरान है 
सर्वस्व न्यौछावर जो करे 
नारी वात्सल्य है वो प्यार है –
करुणा दया की भाव नारी
आंचल में ममता को लिए 
है प्रेम करुणा और दया
नारी सर्व तीरथ वार है –
नारी आयते है कुरान की 
नारी श्लोक गीता की यहाँ 
नारी बायबिल गुरु ग्रन्थ साहिब 
सृष्टि सृजन का आधार है –
नारी धुप में एक छांव है 
नारी स्नेह उर की स्वभाव है 
नारी ज्ञान मान प्रदायिनी
नारी भाव की संसार है –
धरती है नारी आकाश नारी 
अपनत्व का एहसास नारी
करता नमन सादर शिवम 
चरणों में यह स्वीकार है ||


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2 Comments

Apeksha Mittal

01-Apr-2021 11:30 AM

Good

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Abhishek sharma

31-Mar-2021 11:21 PM

good

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