Rajan tiwari

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मर कर देखूँ

2122-1122-1122-22/112

उसकी आँखों से जरा दिल में उतर कर देखूँ,
आरजू है कि उसे आज नज़र भर देखूँ//1

वो भी रस्मन मेरी मैय्यत पे चला आएगा,
ये अगर सच है तो फिर आज ही मरकर देखूँ//2

शबे फुरकत में तुझे ग़म ने सताया है बहुत,
मैं हमेशा ही मेरे दिल तुझे मुज़्तर देखूँ//3

थाम ले हाथ मेरा आज शबे आखिर है,
गाम दो गाम तेरे साथ भी चलकर देखूँ//4

मुझको मालूम नहीं वस्ल की लज़्ज़त क्या है,
आ मेरे पास तुझे बाँहों में कसकर देखूँ//5

कब खिले फूल कोई मेरे दिले सह्रा में,
मैं मेरे दिल की ज़मीं आज भी बंजर देखूँ//6

कोई शिक़वा क्या ज़माने से करूँ अब 'राजन',
जब कि महबूब के हाँथों में भी खंज़र देखूँ//7



               ✍️
     राजन तिवारी 'राजन'
           इंदौर (म.प्र.)
        7898897777

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4 Comments

Shilpa modi

05-May-2021 07:44 PM

लाजवाब

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Rajan tiwari

10-May-2021 07:23 PM

बहुत शुक्रिया आपका

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kapil sharma

05-May-2021 12:56 AM

बेस्ट लाइन सर

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Rajan tiwari

10-May-2021 07:23 PM

आभार आपका

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