Sahil writer

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साँसे

साँसों का साँसों से मिलन हो जाने दो 
दो जिस्म को एक जान हो जाने दो 

जो दुरी हुआ करती थी उन्हें आज मिट जाने दो 
दूध मेँ चीनी की तरह मुझे घुल जाने दो

Sahil writer.... 

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7 Comments

Zulfikar ali

17-May-2021 01:15 PM

बेहतरीन 👌

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Virendra Pratap Singh

11-May-2021 11:12 PM

लगता है SAHIL भाई अद्वैत दर्शन को आज़मा के रहेंगे। अच्छा है।

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Javed Ali

11-May-2021 05:00 PM

Kya sahi likha hai

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Sahil writer

12-May-2021 05:41 PM

शुक्रिया 🙏

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Sahil writer

12-May-2021 05:41 PM

शुक्रिया

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