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इश्क़

पहली बार जब तुमने मुझे देखा ,
क्या सच में मुझे ही देखा ,
नज़र से नज़र न मिली ,
सीधे जिस्म से जा टकराई ,
इश्क़ के फूल में खुशबू हवस की आई ,
मेरी रूह को तुम पहचान न पाए ,
साथ रह के भी मुझे जान न पाए ,
कहते हो की तुम आशिक़ हो मेरे ,
मगर दिल में आशिक़ी के ज़ज्बात न लाए।

✒,,,,,,,अक्षत 💕

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2 Comments

Ravi Goyal

23-Jun-2021 10:53 AM

Bahut khoob 👌👌

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Aliya khan

23-Jun-2021 09:28 AM

Nice

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