Richa Goswami

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लेखनी kavita -08-Mar-2022 सर्दी और चाय

सर्दी और चाय

सर्दी एक मौसम नहीं ,उत्सव है
तेरे और मेरे इश्क की लड़ाई का
ज़ायका है चाय जैसा
तन्हाई है सर्दी के बर्फ जैसा
तेरे इश्क़ का रंग और खुशबू
मेरे दिल में ऐसे छुपे जैसे
ठंड के मौसम में कोहरे का पहरा
एक कशिश एक एहसास 
जैसे चाय के बिन ठंड अधूरी
वैसे तेरे बिन मैं अधूरी

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5 Comments

Seema Priyadarshini sahay

10-Mar-2022 04:56 PM

बहुत खूबसूरत

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Punam verma

08-Mar-2022 07:52 PM

Nice one

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Richa Goswami

09-Mar-2022 10:07 AM

Thank you so much

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Swati chourasia

08-Mar-2022 07:19 PM

Very nice 👌

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Richa Goswami

09-Mar-2022 10:07 AM

Thank you so much

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