Sarfaraz

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ग़ज़ल

🌹🌹🌹 *ह़ाफ़िज़ ए क़ुरआन* 🌹🌹🌹

अल्लाह अल्लाह शानो शौकत ह़ाफ़िज़ ए क़ुरआन की।
शाहे दीं ने की है मिदह़त ह़ाफ़िज़ ए कुरआन की।

रोज़े मेह़़शर बेतह़ाशा उम्मती सरकार के।
बख़्शे जायेंगे बदौलत ह़ाफ़िज़ ए क़ुरआन की।

ख़ुद कलाम ए ह़क़ करेगा उनकी बख़्शिश की दुआ़।
किस बलन्दी पर है क़िस्मत ह़ाफ़िज़ ए क़ुरआन की।

गर वो पढ़लें मन्तिक़ ओ तारीख़, इंग्लिश, फ़ारसी।
और बढ़ जाती है अ़ज़मत ह़ाफ़िज़ ए क़ुरआन की।

फ़ख़्र फिर क्योंकर न हो दस्तार पर इनकी हमें।
इफ़्तेख़ार ए दीं है ह़िरफ़त ह़ाफ़िज़ ए क़ुरआन की।

लायक़ ए तहसीन है इनकी इमामत हर जगह।
मिस्ले अन्जुम है मई़शत ह़ाफ़िज़ ए क़ुरआन की।

बिलयक़ीं वो भी जज़ा ए ख़ैर पायेंगे फ़राज़।
दिल से करते हैं जो नुसरत ह़ाफ़िज़ ए क़ुरआन की।

सरफ़राज़ हुसैन फ़राज़ पीपलसाना मुरादाआबाद।

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3 Comments

Gunjan Kamal

16-Mar-2022 11:06 PM

शानदार प्रस्तुति 👌

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Simran Bhagat

16-Mar-2022 08:33 PM

Nyc🔥🔥

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Swati chourasia

16-Mar-2022 04:44 PM

Very beautiful 👌

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