सांसें
सांसें
तेरी सांसें मुझ में बसी हैं
मेरी सांसें तुझ में बसी हैं
कैसे तुझको मैं समझाऊं
दिल की सांसें दिल में बसी हैं
बेताबी भी इख्तियार में
खामोशी भी ऐतबार में
जिस्म की सांसें रूह में बसी हैं
तेरी सांसें मुझ में बसी हैं
मेरी सांसें तुझ में बसी हैं
पण्डित विजय
विजयकांत वर्मा
08-Jul-2021 03:22 PM
बहुत खुब
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Niraj Pandey
08-Jul-2021 12:16 AM
वाह
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Swati chourasia
07-Jul-2021 10:35 PM
Nice 👌
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