Add To collaction

सांसें

सांसें


तेरी सांसें मुझ में बसी हैं
मेरी सांसें तुझ में बसी हैं
कैसे तुझको मैं समझाऊं
दिल की सांसें दिल में बसी हैं
बेताबी भी इख्तियार में
खामोशी भी ऐतबार में
जिस्म की सांसें रूह में बसी हैं
तेरी सांसें मुझ में बसी हैं
मेरी सांसें तुझ में बसी हैं


             पण्डित विजय

   5
6 Comments

बहुत खुब

Reply

Niraj Pandey

08-Jul-2021 12:16 AM

वाह

Reply

Swati chourasia

07-Jul-2021 10:35 PM

Nice 👌

Reply