Dachana Manhas

Add To collaction

मां

मां

क्या लिखूं अपनी मां के लिए,
 जिसने खुद मुझे लिखा है।
मौत से डर के जिसने,
 मुझे जन्म दिया।
सबकी नज़र से बचाकर,
 मुझको अपनी आंचल मै रखा।
पहले घुटनों पर , फिर पैरो पर ,
उंगली पकड़कर चलना सिखाया।
जिसने खुद गिलऐ मै सौ कर ,मुझे सूखे मै सुलाया, 
जिसने अपने आसू छुपा कर मुझे हसाया।
ऐसी मेरी मां ,
ईश्वर का दुसरा रूप होती है
 मां।
Dachana manhas

   29
12 Comments

नंदिता राय

10-May-2022 03:28 PM

बहुत खूब

Reply

Reyaan

09-May-2022 04:53 PM

Very nice 👍🏼

Reply

Swati chourasia

09-May-2022 06:36 AM

बहुत खूब 👌

Reply