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लेखनी कहानी -16-May-2022

विषय :- (माॅ)

 दुनिया सूनी लगती है बिना तेरे ! माॅ
नींद नहीं आती है बिना तेरे थपक्कियो के ! माॅ
     आज तो मैं जागी हूॅ कल आ जाना माॅ,
      लोरी गाकर फिर से सुला देना माॅ ।।
भूख लगी है खाना भी खाया है माॅ
पर पेट भी कहता है खाना जमा नहीं माॅ ।।
      रोज रोज बुलाती थी तुम , तो मैं परेशान हो  जाती थी माॅ ।
      अब एक बार भी क्यो नही बुलाती हो माॅ
 कान भी तरस गये तेरी बोली सुनने को
 ऑख भी तरस गये तेरी भोली सी सूरत देखने को
 हाथ भी तरस गये तेरी पैर छूने को ! माॅ।।
       
   तुम हमें क्यो छोड़ गई माॅ,
          तेरी याद में दुनिया सूनी हो गई माॅ।।
    फूल भी अब काॅटा हो गया ,
        कोमल दिल में भी अब पत्थर हो गया ।।
  जो हम  याद करते है तूझे ,
   सामने आ जाती हो ! तुम ।
       पर फिर भी दिख नहीं पाती हो तुम 
       आज दुनिया मे अपने भी अनजाने हो गये
       माॅ तेरी याद मे दुनिया सूनी हो गई  ।।


प्रतियोगिता 
रबिना विश्वकर्मा
उ• प्र• (जौनपुर) 
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18 Comments

Fareha Sameen

18-May-2022 12:20 PM

Nice

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Farida

16-May-2022 08:17 PM

👌👌

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Neha syed

16-May-2022 07:38 PM

Nice

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