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लेखनी कहानी -16-Jun-2022

वो तुम्हे इश्क़ करने की लत लगाएगी
 मगर उसके दिल में बह जाने का नहीं
 वो तुम्हे अपना खूब बतलाएगी
 मगर उसकी बातो में रह जाने का नहीं

वो सनम कसम भी बहुत खायगी
 मगर वो तुम्हारी है वहम पालने का नहीं
 वो तारिफ भी जम कर करेगी
 मगर उसमे छिपे मतलब को भूल जाने का नहीं

 वो केवल तुम्हारी है क्या सबुत है
मगर वो किसी और की भी जान होगी ।
वो इतनी तड़प तुम में घोल देंगी
बिछड़ना भी चाहो तो दूर जा पाने का नहीं 

वो वफा की दुनिया बहुत सजाएंगी
मगर उस फरेब में बह जाने का नहीं 
वो तुम्हे अपना करीबी बहुत बतलाएगी
मगर उस आब में बह जाने का नहीं ।

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2 Comments

Pallavi

18-Jun-2022 10:04 PM

Nice post 😊

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Seema Priyadarshini sahay

17-Jun-2022 03:52 PM

बेहतरीन

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