लेखनी प्रतियोगिता -17-Jun-2022
दिन भर की थकान तुम दूर करती हो
तेरी ऐसी आवाज जो दिल को सुकून देती ही।
जैसे बंजर जमी पे कश्मीरी फुल खिले हो,
सभी शायरों की जान हो
आप जो लिखे गजलो को आवाज देती हो
लिखे होंगे कई नज़्म हम अपनी मुहब्बत पे
तेरी आवाज साबित करती है आप कितने खूबसूरत हो
आयेंगे तेरे शहर जो आपसे मुलाकात हो
तेरा सिग्नेचर जो मेरी हाथो पर बनी निशानी हो
भूल मत जाना कभी मुलाकात हुई थी एक शायर से
जो अपनी मुहब्बत को छोड़ तेरी आवाज पर लिखता पेशानी हो
कि मैं जानता हूं की नही हो सकते मेरे आप
फिर दिल पूछता है क्यों तुम उनकी आवाज को चाहते हो ।
✍️ #shayarvishuking ❤️❤️❤️
Pallavi
18-Jun-2022 09:52 PM
Nice
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Punam verma
18-Jun-2022 08:33 AM
Very nice
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Abhinav ji
18-Jun-2022 07:53 AM
Nice👍
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