Shaily Bhagwat

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अतिवृष्टि

वर्ण पिरामिड


वर्षा
कहर
न बरपा
अतिवृष्टि से
त्रस्त हो रहे है
पशु पक्षी मानव।
हाँ
अब
होकर 
जलमग्न
कितने क्षेत्र
बाढ़ की मार से 
डूबे ही जा रहे है।
ये
मेघ 
फटते
बरसते 
विनाशकारी
धरा पर भारी
हो क्यों बरस रहे।
हे
प्रभु
अपनी
कृपादृष्टि
अब बरसा
अकाल मृत्यु के
भय से मुक्त कर।

#प्रतियोगिता हेतु 

स्वरचित
शैली भागवत "आस"
इंदौर

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5 Comments

Swati chourasia

12-Jul-2022 06:04 AM

Very beautiful 👌👌

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Gunjan Kamal

11-Jul-2022 11:52 PM

शानदार प्रस्तुति 👌

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Shnaya

11-Jul-2022 11:26 PM

शानदार प्रस्तुति 👌

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