Shaily Bhagwat

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संसार


संसार

दिल में अरमान आँखों में सहर रखते है
खुद के संसार में ये लोग बसर रखते है।
🌹🌹
इस जमाने में कोई भी तो हमारा न हुआ
और हरवक़्त हम सबकी खबर रखते है।
🌹🌹
जो नहीं समझे कभी भी मेरे जज्बातों को
हम भी अब उनसे उम्मीदें सिफ़र रखते है।
🌹🌹
ये दुनियादारी महज एक दिखावा है यहाँ
इस बहाने से लोग हम पर नज़र रखते है।
🌹🌹
मांगते है हरपल नाकामयाबी वो हमारे लिए
भूले कि हम भी दुआओं का असर रखते है।
🌹🌹
हम जिन्हें समझे है पाक इबादत की तरह
नूर भरपूर मगर वो दिल में ज़हर रखते है।
🌹🌹
इसे दीवानगी या दिल की कोई आस कहो
बेखबर सबसे हम अपनी इक दहर रखते है।


#प्रतियोगिता हेतु 

स्वरचित एवं मौलिक
शैली भागवत  आस

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9 Comments

shweta soni

21-Jul-2022 11:05 AM

Nice 👍

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Punam verma

21-Jul-2022 09:17 AM

Nice

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Raziya bano

21-Jul-2022 08:55 AM

Bahut sundar rachna

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