खिलौना
ईश्वर ने बनाया है , इंसान खिलौना,
अब तो बन गया है, भगवान खिलौना,
जीवन की चाभी से , सांसों को चलाये,
खीच करके डोरी, उसे नाच नचाये
मानता है उसका एहसान खिलौना,
थोड़ी सी लगे चोट तो संभल नहीं पाये,
खत्म हो जो बैटरी तो चल नहीं पाये,
बन के रह जाता है ,सामान खिलौना,
जो दिया जितना दिया,वो उसमे खुश रहे,
दिल की अपनी बात वो किससे कब कहे,
अपने ही तक रखता अरमान खिलौना
खुद पे मुसीबत तो कोई काम न आये,
खेल करके सब कोई, कोने में रख आये,
कैसे बने किसी का साये बान खिलौना
सन्तोषी दीक्षित कानपुर
Shashank मणि Yadava 'सनम'
11-Aug-2022 09:00 AM
👌🏼 👌🏼 👌🏼 लाजवाब
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Raziya bano
11-Aug-2022 06:32 AM
Bahut sundar rachna
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Renu
10-Aug-2022 11:47 PM
👍👍
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