Rajan tiwari

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अधूरी सी कहानी


2122-2122-2122-212

तेरी मेरी इस अधूरी सी कहानी के लिए,
कुछ न बाकी रह गया इस जिन्दगानी के लिए।

आपने मुझको दिया जो हिज़्र का गम गिफ़्ट में,
शुक्रिया है आपका इस मेहरबानी के लिये//2

हर कली में खौफ है हर बागबाँ ख़ामोश है,
कौन जिम्मेदार है इस बेज़ुबानी के लिए//3

नस्ले-नौ को जिसने कल सींचा था अपने खून से,
वो तरसता मर गया इक बूँद पानी के लिये//4

मैंने अपने वास्ते खुद ही चुनी आवारगी,
किसको मैं इल्ज़ाम दूँ इस ला-मकानी के लिए//5

यूँ ख़ुदा ने रख दिया है तिल तेरे रुख़सार पर,
जैसे पहरेदार कोई हो जवानी के लिए//6

रंजोगम की चाह ने मुझको दिवाना कर दिया,
मैंने कब उम्मीद की थी शादमानी के लिए//7

रोज 'राजन' क़त्ल होती है यहाँ इंसानियत,
रोज बहता है यहाँ पर खून पानी के लिए//8

     राजन तिवारी 'राजन'
           इंदौर (म.प्र.)
        7898897777

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