लेखनी कहानी -17-Nov-2022

मासिक धर्म और समाज
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ये ऊपर अंधेरी कोठरी से कैसी कंहरने की आवाज आई है?
ये ऊपर अंधेरी कोठरी से कैसी चिल्लाहट और रोने की चीख सुनाई है ?
ये कैसी छ्टपटाहट और घबराने की आवाज़ फिर आईं है
लगता आज अपनी छोटी बिटियां को मासिक धर्म आया है
लगता आज फिर से अपनी बिटियां का मुश्किल वाला दिन आया है
मेरी बिटिया तुझे क्या हो रहा है?
मै हूँ ना बता तुझे क्या हो रहा है? 
नहीं माँ बस थोड़ा सा दर्द और बेचैनी हो रहा है।
ऐसी क्या बात है जो तुझे शर्म आ जाती है?
ऐसी क्या बात है जो तेरी आंखो से अश्क़ निकल जाती है
नही माँ मुंझे लोगो के सोच पे ही घृणा आ जाता है
नहीं माँ अब बस समाज की सोच पे हमें रोना आ जाता है।
मासिक धर्म होना पिछले जन्म का बुरा कर्म होना नजर आ जाता है।
नहीं मेरी प्यारी मुन्नी हमें तो लोगों के मानसिकता पे बस गुस्सा आ जाता है।
जिस खून ही आज वह गंदा कहता 
उसी खून के इकट्ठा होने पे आज वह मर्द बन जाता है।
माँ ये पांच दिन किसी अभिशाप से लगते है
मां ये पांच दिन बड़ी मुश्किल से लगते है
कभी लोग बोलते आचार मत छुओ 
कभी लोग बोलते गंगाजल मत छुओ
कभी लोग बोलते मंदिर में ना‌ जाओ
कभी लोग बोलते रसोईघर मे ना जाओ
कभी लोग बोलते रसोईघर मे ना जाओ
ना जाने क्यूं हमें सब पाप सा समझते है?
ना जाने क्यूं हम भी किसी कोने में रोते ही रहते है।
ये मुश्किल दिन हम किसी से भी ना कहते है।
नहीं बेटा ये तो ऊपर वाले की देन है
इसका कोई छुआ छूत से ना लेन देन है।
बेटा मासिक धर्म आए तो शर्म मत करना 
मासिक धर्म के दौरान स्वच्छ सेनेटरी पैड ही प्रयोग करना।
माँ हम लड़कियों को ही क्यों हर महीने मरना होता है?
मरते हम हर महीने फिर भी
क्यूं प्रतिनिधित्व हमे ही हर जगह करना होता है।
हम तो देवी माने जाते हैं 
हम तो घर की लक्ष्मी माने जाते है
फिर एक देवी को मंदिर में जाने पर तिरस्कार क्यूं होना पड़ता है
फिर एक बेटी को समाज मे रोज़ रोज़ शर्मशार क्यूं होना पड़ता है
मन के पावन माने जाते हम फिर भी हमें हरदम स्वच्छ होना पड़ता है।
माँ मासिक धर्म के दौरान बहुत ज्यादा दर्द होता है
माँ समाज के गलत सोच से बहुत ज्यादा दुख होता 
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राजेश बनारसी बाबू
उत्तर प्रदेश वाराणसी
8081488312
स्वरचित रचना



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12 Comments

Reena yadav

21-Nov-2022 01:49 PM

वाकई आपने इस रचना के माध्यम से समाज में व्याप्त घृणित मानसिकता को दर्शाया है.....👍

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Swati chourasia

19-Nov-2022 09:34 PM

बहुत ही बेहतरीन रचना 👌👌

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धन्यबाद जी

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Haaya meer

18-Nov-2022 04:57 PM

Amazing

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धन्यबाद जी

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