Geeta thakur

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तुलसीदास

तुलसी दास
जन्म**(१५११से १६२३)
स्थान**सौरो वर्तमान में (कासगंज) एटा उत्तर प्रदेश
माता जी का नाम**हुलसी देवी
पिता का नाम**श्री धर
गुरु**भविष्य पुराण के अनुसार (राघवानंद, जगन्नाथ, नरसिंग चौधरी, आदि और भी अनेक।
बचपन**तुलसी दास जी के जन्म के समय कहते हैं कि इनके जन्म के समय मुख में ३२दांत थे। माता ने किसी अमंगल होने वजए से किसी और को दे दिया और बाद में स्वर्ग भी सिधार गई। ५या ६वर्ष के रहें होंगे, दूसरी माता चुनिया भी परलोक सिधार गई। पिता का साया भी नहीं अब दर दर भटकने लगे। एक संत के पास रहे उन्होने इनका नाम (रामबोला) रक्खा। इसके बाद संत महाराज ने रामबोला को श्री राम मंत्र की दीक्षा दी, और अयोध्या में रहकर विद्या अध्यन किया।
कहते हैं कुछ का मानना है कि जेयष्ठ शुक्ल त्रियोदिश को एक संभ्रांत परिवार की सुशील (कुलीन) कन्या से विवाह हुआ।
एक बार तुलसीदास की पत्नी अपने मायके आई हुई थी। अब रामबोला को तुलसीदास के नाम से जाना जाने लगा।
पीछे पीछे अपनी पत्नी के उनके घर पहुंच गए, सांप को रस्सी समझ के घर के अंदर प्रवेश किया है। यह देख उनकी पत्नी रत्नावती गई बहुत बुरा भला कहा। कहा मेरे इस हाड मास के शरीर से तुम्हें जितनी आसक्ति है उसकी आधी भी श्री राम की चरणों में हो तो बेड़ा पार हो जाता । यहीं से तुलसीदास जी का हृदय परिवर्तन हो गया। उसके बाद प्रयाग आ गए गृहस्थ आश्रम को छोड़कर साधु वेश में रहते हुए राम कथा का प्रवचन करने लगे। इसके बाद आप काशी आ गए। यहां पर उनके मन में कवि का भाव उत्पन्न हुआ।
एक ब्राह्मण महाराज के घर रहते हुए उन्होंने संस्कृत में पद्य रचना आरंभ की। वह अयोध्या आ गए वहां उन्होंने श्री रामचरितमानस की रचना आरंभ की। ऐसा मानना है कि 2 वर्ष 7 महीने 26 दिन में यह रचना जग प्रसिद्ध रचना संपूर्ण हुई।
वहां से फिर काशी आ गए और भी कई रचनाएं लिखी जैसे**गीतावली, दोहावली, कवितावली, पार्वती मंगल इत्यादि!
तुलसीदास या गोस्वामी तुलसीदास हिंदी साहित्य में चमकते नक्षत्र के रूप में चमके। ऐसे महान महात्मा को शत-शत नमन। युगो युगो तक याद किया जाएगा।
🙏🌺🙏🌺🙏🌺🙏🌺🙏🌺🙏
गीता ठाकुर दिल्ली से

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4 Comments

Gunjan Kamal

24-Nov-2022 06:10 PM

👏👌

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Raziya bano

19-Nov-2022 06:27 PM

Nice

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Naresh Sharma "Pachauri"

19-Nov-2022 02:10 PM

अति सुन्दर

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