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लेखनी कहानी -03-Dec-2022

ये मुझे क्या हुआ

मोहोब्बत का  गहरा असर  हुआ। 
दिल  पर हुआ  दिमाग  पर  हुआ।
अपने हाथों में बीमार  हुआ इश्क़ 
के चक्कर में ख़ाक  से राख हुआ।

एक  चेहरें  के लिए  इतना पागल
हुआ अपने शहर में बदनाम हुआ।
यह  सुन कर ही बड़ा  दुःख हुआ
घर में हमारे नाम का मातम हुआ।

अपनी  जुबान  से  में  जुदा  हुआ 
फिर  खामोशियों  से  प्यार  हुआ।
अकेला पन मेरा यार हुआ और मैं
अपनी  ज़िंदगी का हमराज़ हुआ।

कभी  सहारा  कभी दरिया  हुआ
तो कभी ख्बाबों का गुलाम हुआ।
कभी  राँझा   कभी  मजनू  हुआ 
कब्र में तो सोते हुए  मशहूर हुआ।

   

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3 Comments

Gunjan Kamal

04-Dec-2022 05:24 PM

शानदार प्रस्तुति 👌

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Raziya bano

03-Dec-2022 07:56 PM

Shaandar

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Arina saif

03-Dec-2022 06:26 PM

Nice

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